0

पंचकूला में बिजली कर्मचारियों का हल्ला बोल, पुलिस से भिड़ंत

By Nov 28, 2025

हरियाणा के बिजली कर्मचारियों ने बुधवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पंचकूला में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई, जो करीब आधे घंटे तक चली। कर्मचारियों का मुख्य विरोध ऑनलाइन तबादला नीति, बिजली संशोधन विधेयक और चार नए लेबर कोड्स को लेकर था। उन्होंने बिजली के निजीकरण के प्रयासों का भी पुरजोर विरोध किया और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

आल हरियाणा पावर कारपोरेशंस वर्कर यूनियन के आह्वान पर राज्यभर से बिजली कर्मचारी सुबह ही पंचकूला के यवनिका पार्क में जुटना शुरू हो गए थे। दोपहर में, कर्मचारियों ने विद्युत प्रसारण व उत्पादन निगम के लिए एक मार्च निकाला। जब जुलूस निगम के मेन गेट पर पहुंचा, तो पुलिस ने इसे बंद कर दिया। इस कारण कर्मचारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई और नारेबाजी का दौर चला। काफी देर बाद गेट खोला गया। आंदोलनकारी कर्मचारियों ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन निदेशक को सौंपा।

इसके बाद, कर्मचारियों का जुलूस बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के शक्ति भवन कार्यालय पहुंचा, जहां उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया। वहां मौजूद निदेशक नवीन वर्मा को भी मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। निदेशक ने यूनियन की मांगों पर सहानुभूति जताते हुए शीघ्र ही अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ बातचीत सुनिश्चित करवाने का आश्वासन दिया।

यूनियन के राज्य प्रधान सुरेश राठी ने इस अवसर पर घोषणा की कि उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारियों के निजीकरण के खिलाफ चल रहे संघर्ष के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में बृहस्पतिवार को सब डिवीजन स्तर पर विरोध गेट मीटिंग आयोजित की जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि 30 जनवरी को दिल्ली में होने वाले संसद कूच में बिजली कर्मचारी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।

प्रदर्शन का नेतृत्व इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष सुभाष लांबा, आल हरियाणा पावर कारपोरेशंस वर्कर यूनियन के राज्य चेयरमैन देवेंद्र सिंह हुड्डा, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव नरेश कुमार सहित कई प्रमुख नेताओं ने किया। राज्य चेयरमैन देवेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यदि सरकार और बिजली निगम प्रबंधन ने उनकी मांगों का समाधान नहीं किया, तो बिजली कर्मचारी आंदोलन को और उग्र करने पर मजबूर होंगे।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ऑनलाइन तबादला नीति को रद्द करना, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, एनपीएस से रिटायर्ड कर्मचारियों को मेडिकल सुविधा प्रदान करना, बिजली कर्मचारियों को सात हजार रुपये प्रति माह रिस्क भत्ता देना, सभी शिकायत केंद्रों और बिजली घरों में लोड के अनुसार पदों पर भर्ती करना, महिलाओं के लिए क्रेच रूम की व्यवस्था करना और काम के घंटों में छूट देना, सभी कर्मचारियों को यूटिलिटी बदलने की अनुमति देना, एक्सग्रेशिया नीति से शर्तें हटाना, सभी शिफ्टों में फील्ड में कर्मचारी तैनात करना और जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट मीटर पर रोक लगाना शामिल है।

इसी क्रम में, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी संघों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बुधवार को मजदूरों और कर्मचारियों ने सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किए। उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम प्रेषित ज्ञापन उपायुक्तों को सौंपते हुए लेबर कोड्स को वापस लेने की मांग की। इन प्रदर्शनों में विभिन्न श्रमिक संगठन और बैंक व बीमा क्षेत्र के कर्मचारी भी शामिल हुए। संयुक्त किसान मोर्चा ने भी इन प्रदर्शनों का समर्थन किया, और किसान भी प्रदर्शनों में शामिल हुए।

About Amit Sagar

Journalist covering latest updates.

अगली खबरें

पंचकूला में डॉक्टरों की हड़ताल, OPD सेवाएं ठप; 30 को बड़े फैसले की चेतावनी

पंचकूला के सिविल अस्पताल में वीरवार को चिकित्सा समुदाय ने एसएमओ (सीनियर मेडिकल ऑफिसर) की सीधी भर्ती नीति के विरोध में दो घंटे की पेन-डाउन स्ट्राइक की। सुबह 9 बजे से 11 बजे तक ओपीडी...
By Amit Sagar Nov 28, 2025

साझा करें