पीएमसीएच में मारपीट के बाद जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, मरीज हुए बेहाल
पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में बुधवार सुबह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने चिकित्सा व्यवस्था को ठप कर दिया। मरीज के परिजनों और जूनियर डॉक्टरों के बीच हुई कहासुनी अचानक मारपीट में बदल गई, जिसके विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने तत्काल इमरजेंसी सेवाओं का बहिष्कार कर हड़ताल शुरू कर दी। इस हड़ताल का असर पूरे अस्पताल में देखा गया, जहाँ ओपीडी से भी कई जूनियर डॉक्टर काम छोड़कर लौट आए।
सूत्रों के अनुसार, घटना की शुरुआत तब हुई जब सुलतानगंज इलाके से एक मरीज को लेकर उसके परिजन पीएमसीएच इमरजेंसी पहुंचे। आरोप है कि रजिस्ट्रेशन गेट पर ट्राॅलीमैन और गार्ड से उनकी कहासुनी हुई। बात तब बढ़ी जब ट्राॅली उपलब्ध कराने के एवज में 250 रुपये की मांग की गई। यह विवाद ट्रायज तक पहुंचा, जहाँ जूनियर डॉक्टरों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया कि वे केवल इलाज पर ध्यान दे सकते हैं और अन्य शिकायतों के लिए प्रशासन से संपर्क करें।
हालांकि, हालात बिगड़ते गए और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की के बाद मारपीट हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मरीज के कुछ परिजनों को हिरासत में ले लिया। इस घटना के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने तुरंत काम बंद कर दिया, जिससे इमरजेंसी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। जब मरीजों को पता चला कि जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं और रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है, तो वे निराश होकर वापस लौटने लगे।
घटना के बाद, अस्पताल के प्राचार्य डॉ. कौशल किशोर और अधीक्षक डॉ. आइएस ठाकुर ने जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यम कुमार से बातचीत की। अधीक्षक डॉ. ठाकुर ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पुलिस कार्रवाई जारी है। उन्होंने बताया कि मरीज पक्ष से लिखित माफीनामा मिलने के बाद ही डॉक्टर काम पर लौटने को तैयार हुए हैं। देर रात तक चली बातचीत के बाद, मरीज पक्ष से लिखित माफी मिलने पर डॉक्टरों ने काम पर लौटने का आश्वासन दिया है, जिससे मरीजों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
