पीलीभीत में एनजीटी नियमों का उल्लंघन: कूड़े के ढेर से जहरीला धुआं, स्वास्थ्य पर संकट
पीलीभीत में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शहर के फिलखाना मोहल्ले में कब्रिस्तान के पास स्थित एक खाली प्लाट को नगर पालिका कर्मचारियों ने अवैध डंपिंग ग्राउंड बना दिया है। यहां शहर से निकलने वाले कूड़े को निस्तारण के लिए निर्धारित केंद्र पर न पहुंचाकर, सुविधा के अनुसार डाला जा रहा है और फिर रात में उसमें आग लगा दी जा रही है।
इस अवैज्ञानिक और गैर-कानूनी तरीके से कूड़ा जलाने के कारण उठने वाला जहरीला धुआं सीधे आसपास के रिहायशी इलाकों में फैल रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले करीब दो साल से यह सिलसिला जारी है। रात में कूड़े में आग लगाने से उठने वाला धुआं उनके घरों में भर जाता है, जिससे दम घुटना आम बात हो गई है। खासकर बुजुर्गों को इस धुएं से सांस लेने में गंभीर तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है और कई लोग बीमार पड़ रहे हैं।
मोहल्ले के लोगों ने कई बार नगर पालिका के सफाई विभाग के अधिकारियों से इस समस्या की शिकायत की है, लेकिन उनकी तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कुछ निवासियों का तो यह भी आरोप है कि सुविधा शुल्क लेकर कर्मचारियों द्वारा प्लाट मालिक की सह पर कूड़ा डालकर उसे जलाया जा रहा है। इस लापरवाही और नियमों की अनदेखी के कारण हवा की गुणवत्ता लगातार गिर रही है और सार्वजनिक स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
जब इस मामले को लेकर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) संजीव कुमार से संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्वीकार किया कि कर्मचारियों द्वारा कूड़े को अनुचित स्थान पर डालने की जानकारी मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले का निरीक्षण किया जा रहा है और दोषी पाए जाने वाले संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हालांकि, स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस बार अधिकारी गंभीरता से इस समस्या का समाधान करेंगे और उन्हें जहरीले धुएं से मुक्ति दिलाएंगे।
