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छत्तीसगढ़ में 7 करोड़ का धान गायब, चूहे खा गए का दावा, जांच शुरू

By Jan 8, 2026

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में किसानों से खरीदे गए धान के भंडारण में एक चौंकाने वाली गड़बड़ी सामने आई है। विपणन विभाग की आंतरिक जांच में जिले के संग्रहण केंद्रों से लगभग 26 हजार क्विंटल धान की कमी पाई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब आठ करोड़ रुपये है। इस मामले ने किसानों और स्थानीय प्रशासन के बीच चिंता बढ़ा दी है।

अधिकारियों ने इस धान की कमी के लिए चूहा, दीमक, कीट-पतंग और मौसम के प्रभाव को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं और संभावित हेराफेरी के संकेत भी मिले हैं, जिससे मामले की गंभीरता बढ़ गई है। यह घटना खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 से संबंधित है, जब धान को जिले के संग्रहण केंद्रों में सुरक्षित रखा गया था।

विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, बाजार चारभाठा और बघर्रा संग्रहण केंद्रों में कुल सात लाख 99 हजार क्विंटल धान का भंडारण किया गया था। मिलर्स द्वारा धान का उठाव पूरा होने के बाद जब दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन किया गया, तो इन दोनों केंद्रों से 26 हजार क्विंटल धान की कमी स्पष्ट रूप से सामने आई। इस गंभीर चूक के चलते, जिला विपणन अधिकारी अभिषेक मिश्रा ने संग्रहण केंद्र प्रभारी प्रितेश पांडेय को उनके पद से हटा दिया है।

धान में आई इस कमी को मौसम के प्रभाव, नमी, चूहा, दीमक और अन्य कीट-पतंगों से हुए नुकसान के रूप में दर्ज किया गया है। अधिकारी ने यह भी दावा किया है कि प्रदेश के अन्य 65 संग्रहण केंद्रों की तुलना में कबीरधाम जिले की स्थिति बेहतर है, जो कि जांच के दायरे में है।

वहीं, सहायक जिला खाद्य अधिकारी मदन साहू ने पुष्टि की है कि प्रारंभिक जांच में कई आरोप सही पाए गए हैं। इस पूरे मामले की तह तक जाने और सच्चाई का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच टीम गठित की गई है। इस घटना का सीधा असर किसानों की उपज और सरकारी खरीद प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर पड़ सकता है।

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