पाकिस्तान को भारत की दो टूक: ‘उपदेश देने का कोई नैतिक आधार नहीं’
नई दिल्ली: अयोध्या में राम मंदिर के ध्वजारोहण समारोह पर पाकिस्तान की ओर से आई प्रतिक्रिया पर भारत ने कड़ा पलटवार किया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जिस देश का अपने अल्पसंख्यकों के प्रति क्रूरता और दमन का लंबा इतिहास रहा है, उसे दूसरों को उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक ब्रीफिंग के दौरान कहा, “हमने पाकिस्तान की ओर से आई इन रिपोर्टों को देखा है और उन्हें उसी तिरस्कार के साथ खारिज करते हैं जिसके वे हकदार हैं।” उन्होंने आगे कहा, “एक ऐसे देश के तौर पर जिसका अपने अल्पसंख्यकों के साथ कट्टरता, दमन और व्यवस्थित दुर्व्यवहार का गहरा दागदार रिकॉर्ड है, पाकिस्तान के पास दूसरों को उपदेश देने का कोई नैतिक आधार नहीं है।”
जायसवाल ने पाकिस्तान को नसीहत देते हुए कहा, “पाकिस्तान को पाखंडी उपदेश देने के बजाय अपने अंदर झांककर अपने खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड पर ध्यान देना चाहिए।” विदेश मंत्रालय की यह तीखी टिप्पणी तब आई जब पाकिस्तान ने हाल ही में अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन का विरोध किया था। पाकिस्तान ने अपने एक बयान में कहा था कि यह कदम कथित तौर पर भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर बढ़ते दबाव और मुस्लिम विरासत को मिटाने की कोशिश का हिस्सा है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अयोध्या में राम मंदिर के ध्वजारोहण समारोह में भाग लिया था। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर परिसर के उप मंदिरों के ध्वजों का पूजन भी किया। यह पूरा कार्यक्रम अयोध्या में कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ था, जो एक बड़े उत्सव का माहौल था।
