सपा ने मतदाता सूची पुनरीक्षण की निगरानी के लिए 40 नेता नियुक्त किए
समाजवादी पार्टी ने आगामी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर पैनी नजर रखने के लिए अपने 40 प्रमुख नेताओं को जिलों का प्रभारी नियुक्त किया है। यह कदम पार्टी द्वारा ‘मिशन-2027’ की तैयारियों के तहत उठाया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव को इटावा और बदायूं, अवधेश प्रसाद को अयोध्या, बलराम यादव को आजमगढ़, विशंभरर प्रसाद निषाद को बांदा और फतेहपुर, इंद्रजीत सरोज को प्रयागराज और कौशांबी, तथा राज्यसभा सदस्य रामजी लाल सुमन को आगरा और हाथरस की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन नियुक्तियों के साथ ही, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने स्वयं मतदाता सूची सुधार के लिए गणना फॉर्म भरकर सोशल मीडिया पर साझा किया है। उन्होंने सभी पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता से भी इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने और फॉर्म भरने की अपील की है। सूत्रों के अनुसार, यह पहल पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण को मजबूत करने के प्रयास का हिस्सा है, जहां पीड़ित जनता की आवाज बनना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने आवंटित जिलों में विधानसभावार भ्रमण करें और मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए प्रपत्रों के वितरण, उनके जमा होने और अपलोड होने की स्थिति का विस्तृत विवरण तैयार कर मुख्यालय भेजें। इस निगरानी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
पार्टी के कई अन्य प्रमुख नेता, जैसे राजीव राय, डा. मधु गुप्ता, कमाल अख्तर, ओमप्रकाश सिंह, और अभिषेक मिश्रा को भी विभिन्न जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कदम दर्शाता है कि समाजवादी पार्टी मतदाता सूची को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक औजार के रूप में देख रही है, जिसके माध्यम से वह आगामी चुनावों में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है। पार्टी का मानना है कि घर-घर जाकर सूची सुधारने में लगे कर्मचारियों की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना भी चुनावी जीत के लिए आवश्यक है।
