पाकिस्तान जेल में बंद यूपी के मछुआरों के परिवार में मातम, रिहाई की गुहार
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के चार मछुआरों के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ये चारों युवक पिछले पांच सालों से पाकिस्तान की लांड्री जेल में बंद हैं। हाल ही में, जेल में बंद इन मछुआरों द्वारा भेजा गया एक दर्द भरा पत्र उनके परिवारों को व्हाट्सएप के माध्यम से मिला है, जिससे घरों में मातम जैसा माहौल छा गया है। परिवार वाले बेहद चिंतित हैं और अपने बेटों की रिहाई के लिए सरकार से गुहार लगा रहे हैं।
तिंदवारी थाना क्षेत्र के जसईपुर, धौसड़ और दरदा गांव के रहने वाले ये चारों युवक, चांदबाबू (26), लक्ष्मण (22), जीतेंद्र (28) और सर्वेश (32), हर साल की तरह गुजरात के पोरबंदर से मछली पकड़ने समुद्र में गए थे। मछली पकड़ते समय तेज हवा के बहाव में उनकी नाव अनजाने में ही पाकिस्तानी सीमा में दाखिल हो गई, जिसके बाद पाकिस्तानी सैनिकों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और जेल में डाल दिया। यह पहली बार नहीं है जब जिले के मछुआरे पाक जेल में फंसे हों, लेकिन इस बार पांच साल बीत जाने के बावजूद उनकी रिहाई नहीं हुई है।
शनिवार को जसईपुर निवासी जीतेंद्र की मां रानी देवी के मोबाइल पर एक व्हाट्सएप नंबर से पत्र मिला। इस पत्र में चारों युवकों ने अपनी दर्द भरी दास्तान बयां की है। उन्होंने लिखा है कि वे जेल में बीमार हैं और उन्हें पर्याप्त इलाज नहीं मिल पा रहा है। वे केवल कुछ दवाओं के सहारे जिंदगी गुजार रहे हैं और उन्हें अपनी जान का भी डर सता रहा है। पत्र में यह भी लिखा है कि उनके साथ जेल में बंद अन्य भारतीय मछुआरों को रिहा किया जा चुका है, क्योंकि उनके परिवारों ने मंत्रियों और विधायकों के माध्यम से पहल की थी।
इस पत्र ने परिवार वालों की चिंता और बढ़ा दी है। रानी देवी रो-रोकर कह रही हैं कि उनके बेटे की जान खतरे में है। परिवार वाले मांग कर रहे हैं कि जिस तरह अन्य मछुआरों को छुड़ाया गया है, उसी तरह उनके सपूतों को भी पाकिस्तान की जेल से रिहा करवाया जाए। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री, जल शक्ति राज्यमंत्री, जिलाधिकारी और आयुक्त से अपील की है कि वे इस मामले में तुरंत संज्ञान लें और उनके बेटों की वतन वापसी सुनिश्चित करें।
