पैरी हत्याकांड: स्नैपचैट कॉल से बुलाकर दी हत्या, भाई बोला- परिवार को खतरा
चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में सोमवार शाम गैंगस्टर इंद्रप्रीत सिंह उर्फ पैरी की गोली मारकर की गई हत्या के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पैरी के भाई हरनीत सिंह, जो पंजाब पुलिस में सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) के पद पर तैनात हैं, ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि हत्या से पहले पैरी को स्नैपचैट पर लगातार कॉल आ रहे थे और हमलावरों द्वारा कई दिनों से उनके घर के आसपास रेकी की जा रही थी। हरनीत ने अपने परिवार की जान को भी गंभीर खतरा बताया है।
सूत्रों के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 3 बजे पैरी को एक अज्ञात व्यक्ति स्नैपचैट पर बार-बार कॉल कर रहा था। पहले उसे सेक्टर-10 में मिलने के लिए बुलाया गया, लेकिन बाद में उसे सेक्टर-26 बुलाया गया, जहां उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। हरनीत सिंह ने बताया कि वे कॉल की टोन से पहचान गए थे कि यह पैरी के लिए ही कॉल है, क्योंकि पैरी ने स्नैपचैट के लिए एक विशेष रिंगटोन लगा रखी थी।
यह भी पता चला है कि हत्या में इस्तेमाल की गई सफेद क्रेटा गाड़ी पिछले कुछ दिनों से पैरी के घर के आसपास मंडरा रही थी। हरनीत सिंह का कहना है कि यह पैरी को जाल में फंसाने की सुनियोजित साजिश थी, जिसमें विश्वास जीतकर उसे बाहर बुलाया गया।
अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हरनीत ने कहा, “हमारा परिवार अब लगातार खतरे में है। गैंगवार की वजह से पैरी को ‘सॉफ्ट टारगेट’ बनाया गया था और अब हम भी हमलावरों की नजर में हैं।” उन्होंने लॉरेंस बिश्नोई के साथ पैरी की पुरानी जान-पहचान का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि लॉरेंस और पैरी कॉलेज में साथ पढ़ते थे और लॉरेंस अक्सर उनके घर आता-जाता था, खाना खाता था और कई बार वहीं रुक भी जाता था।
फिलहाल, चंडीगढ़ पुलिस हत्या के पीछे की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पुलिस स्नैपचैट कॉल्स, हमलावरों द्वारा की गई कथित रेकी और गैंगवार के एंगल से इस मामले की गहन जांच कर रही है।
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