नीरव मोदी केस: ब्रिटेन की अदालत ने सुनवाई मार्च 2025 तक टाली, जेल में कागजी देरी बनी वजह
भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को ब्रिटेन की एक अदालत ने बड़ी राहत दी है। अदालत ने बैंक ऑफ इंडिया के एक बकाया ऋण से जुड़े मुकदमे की सुनवाई को मार्च 2025 तक के लिए टाल दिया है। यह फैसला ब्रिटेन की जेलों में कानूनी दस्तावेजों की आपूर्ति में हो रही देरी के कारण लिया गया है। नीरव मोदी भारत में 2 अरब डॉलर के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले में वांछित है और मार्च 2019 से लंदन की जेल में बंद है।
नीरव मोदी को हाल ही में दक्षिण लंदन की थेम्साइड जेल से उत्तर लंदन की एचएमपी पेंटनविल जेल में स्थानांतरित किया गया था। इस स्थानांतरण के बाद जेल प्रशासन द्वारा कानूनी कागजात उपलब्ध न कराए जाने से मामला उलझ गया। नीरव मोदी के वकील ने दलील दी कि यदि सुनवाई टाली नहीं गई तो उनके मुवक्किल को “गंभीर नुकसान” होगा।
जस्टिस साइमन टिंकलर ने शुक्रवार को हुई ऑनलाइन समीक्षा सुनवाई में जनवरी में प्रस्तावित आठ दिन की सुनवाई को टालते हुए 23 मार्च 2025 से शुरू करने का आदेश दिया। न्यायाधीश ने कहा कि यह संदेह बना हुआ है कि जरूरी दस्तावेज नीरव मोदी तक समय पर पहुंचेंगे भी या नहीं। ऐसी स्थिति में निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है। बैंक ऑफ इंडिया के वकील ने लंबी स्थगन अवधि का विरोध करते हुए कहा कि यदि नीरव मोदी भारत प्रत्यर्पित हो गया, तो ब्रिटेन में मुकदमा चलाना मुश्किल हो जाएगा।
