अमेरिका में एच-1बी वीजा फर्जीवाड़े पर रिपब्लिकन सांसद ने जताई चिंता | international news
अमेरिका में एच-1बी वीजा कार्यक्रम में चल रहे कथित फर्जीवाड़े और दुरुपयोग का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रिपब्लिकन सांसद रिच मैककॉर्मिक ने इस संबंध में देश के शीर्ष प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर सख्त कदम उठाने की मांग की है। उनके इस कदम से अमेरिकी आव्रजन नीतियों में पारदर्शिता और सख्ती लाने की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
सांसद मैककॉर्मिक ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया है कि नब्बे के दशक के आव्रजन कानून के तहत एच-1बी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी कंपनियों को अत्यधिक कुशल विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति देना था, जब स्थानीय स्तर पर ऐसे योग्य कामगार उपलब्ध न हों। हालांकि, मौजूदा समय में इसके दुरुपयोग की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
उनके अनुसार, कुछ असामाजिक तत्व वीजा धारकों की नौकरियों पर निर्भरता का अनुचित लाभ उठाते हैं। ऐसे कर्मचारियों को बाजार में प्रचलित औसत वेतन से कम भुगतान करने और खराब कामकाजी परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किए जाने की आशंका रहती है। इससे न केवल अमेरिकी श्रम बाजार में वेतन संतुलन बिगड़ता है, बल्कि हाल ही में कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने वाले स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार की प्रतिस्पर्धा भी बढ़ जाती है।
अपने संसदीय क्षेत्र जॉर्जिया के सातवें जिले को लेकर उन्होंने विशेष चिंता व्यक्त की है। स्थानीय नागरिकों से मिली शिकायतों और हालिया संघीय गतिविधियों के आधार पर उन्होंने इस क्षेत्र में वीजा धोखाधड़ी का दायरा बड़ा होने की आशंका जताई है। मैककॉर्मिक ने संबंधित विभागों से मांग की है कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। इस तरह के नीतिगत फेरबदल से भविष्य में अमेरिका में काम करने की इच्छा रखने वाले विदेशी पेशेवरों और वहां की कंपनियों की कार्यप्रणाली पर भी असर पड़ सकता है।
