यमुना एक्सप्रेसवे बस हादसे में बड़ा फर्जीवाड़ा, छह राज्यों से जुड़ा कनेक्शन | national crime news
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक बस हादसे ने परिवहन और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। इस भीषण दुर्घटना में नौ बेकसूर लोगों की जान चली गई, जिसके बाद जांच में चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। [national crime news] इस हादसे ने सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर देश भर में गंभीर बहस छेड़ दी है।
जांच में पता चला है कि दुर्घटना का शिकार हुई बस का नेटवर्क छह अलग-अलग राज्यों से जुड़ा हुआ था। बस का मालिक मध्य प्रदेश के छतरपुर का है, जबकि इसका रजिस्ट्रेशन बिहार के मधुबनी परिवहन विभाग में दर्ज है। हैरानी की बात यह है कि फिटनेस सर्टिफिकेट राजस्थान से और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट हरियाणा से जारी किया गया था, जबकि इसका संचालन दिल्ली और उत्तर प्रदेश के रूट पर हो रहा था।
इस बस पर पहले से ही लापरवाही के कई मामले दर्ज थे। वाहन पर 1.75 लाख रुपये के 19 चालान बकाया थे, जिसमें कम उम्र के ड्राइवर से गाड़ी चलवाना और रेट्रोफिटिंग नियमों का उल्लंघन शामिल है। यात्रियों ने पहले ही ड्राइवर को जलने की बदबू और इंजन से आवाज आने की शिकायत की थी, लेकिन आरोप है कि स्टाफ ने इसे नजरअंदाज कर दिया। समय रहते बस रोकी जाती तो शायद इतनी बड़ी जानमाल की हानि टल सकती थी।
