उत्तर प्रदेश सरकार जनवरी में लाएगी नई पर्यटन नीति, वेडिंग टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा | up tourism news
उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने आगरा में आयोजित इंडियन वेडिंग इंडस्ट्रीज काॅन्क्लेव एंड एक्स्पो के दौरान राज्य के पर्यटन विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आगामी जनवरी माह में एक नई पर्यटन नीति पेश करने जा रही है, जिसमें पिछली नीति से छूटे हुए सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया जाएगा। इस नई नीति से वेडिंग टूरिज्म को विशेष प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है [up tourism news]।
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश के समग्र परिवेश में सकारात्मक बदलाव आया है। बेहतर बुनियादी ढांचे, मजबूत कनेक्टिविटी और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के कारण राज्य में लगातार निवेशक आकर्षित हो रहे हैं। वेडिंग इंडस्ट्री का दायरा बहुत व्यापक है, जिससे परचून व्यापारी, वस्त्र विक्रेता, फूल व्यवसाई और डेकोरेटर्स जैसे असंगठित क्षेत्र के लोगों को भी सीधा रोजगार प्राप्त होता है। सरकार का यह कदम राज्य की अर्थव्यवस्था को और अधिक गति प्रदान करेगा।
कार्यक्रम के दौरान पर्यटन मंत्री ने वेडिंग कारोबार से जुड़े उद्यमियों से विशेष आह्वान किया कि वे ऐतिहासिक धरोहर स्थलों के साथ-साथ दुधवा नेशनल पार्क और कतर्निया घाट जैसे प्राकृतिक क्षेत्रों में भी डेस्टिनेशन वेडिंग के आयोजन को प्राथमिकता दें। सरकार ने इन क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं का विकास किया है। इसके अलावा बुंदेलखंड क्षेत्र में भी हेरिटेज भवनों को पर्यटन नीति के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है, ताकि सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में जहां प्रदेश में लगभग 23 करोड़ पर्यटक आते थे, वहीं पिछले वर्ष दिसंबर तक यह आंकड़ा बढ़कर 165 करोड़ पहुंच गया है। धार्मिक पर्यटन में विशेष वृद्धि दर्ज की गई है। पर्यटन क्षेत्र के विस्तार से स्थानीय स्तर पर पंडितों, रिक्शा चालकों और फूल विक्रेताओं समेत समाज के विभिन्न वर्गों को रोजगार मिल रहा है, जिससे आम जनता के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है।
