भाषा विश्वविद्यालय ने उठाए 50 टीबी मरीजों की पोषण जिम्मेदारी | uttar pradesh news
क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए राजधानी लखनऊ स्थित ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन किया है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति के मार्गदर्शन में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने आगे आकर 50 क्षय रोगियों को गोद लिया और उन्हें आवश्यक पोषण पोटली वितरित की [uttar pradesh news].
इस पहल का मुख्य उद्देश्य मरीजों के स्वास्थ्य सुधार के लिए उन्हें उपचार के साथ-साथ संतुलित एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। समाज में टीबी जैसी बीमारी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने और इसके प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने में ऐसे अभियानों की बड़ी भूमिका होती है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि उच्च शिक्षण संस्थान केवल शिक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका दायित्व समाज के हर वर्ग के उत्थान में सक्रिय सहयोग देना भी है [uttar pradesh news].
कार्यक्रम के दौरान कुलपति, कुलसचिव और वित्त अधिकारी सहित तमाम शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने इस राष्ट्रव्यापी स्वास्थ्य अभियान में पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लिया। इस तरह के सामूहिक प्रयासों से देश को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी और जरूरतमंदों को संबल प्राप्त होगा।
