श्रम अधिकारों के लिए शिक्षा और कौशल विकास जरूरी: शमीम अख्तर | kanpur news
कानपुर के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के क्षेत्रीय निदेशालय में हाल ही में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान श्रमिकों के विकास और उनके अधिकारों को लेकर अहम चर्चा की गई। (kanpur news) दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड के स्थापना दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपर श्रमायुक्त शमीम अख्तर ने स्पष्ट किया कि श्रमिकों को उनके वास्तविक अधिकार तभी मिल सकेंगे, जब वे शिक्षित होंगे, अपने अधिकारों को लेकर जागरूक बनेंगे और बाजार की वर्तमान मांग के अनुरूप खुद को कुशल बनाएंगे। श्रमिकों का यह सशक्तीकरण समाज और राष्ट्र के औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान ईपीएफओ की अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त उदय बक्शी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने बदलते दौर और तकनीकी उन्नयन के इस युग में श्रमिकों को आधुनिक तकनीक अपनाने और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषयों के प्रति पूरी तरह सतर्क रहने की सलाह दी। वहीं, विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय श्रम संस्थान के निदेशक देव कुमार सक्सेना ने व्यावहारिक कौशल को एक सशक्त श्रमिक की सबसे बड़ी जरूरत बताया। क्षेत्रीय निदेशालय प्रभारी प्रमोद कुमार ने भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार होने वाले कार्यबल के संदर्भ में ‘श्रमिक शिक्षा 2.0’ के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर निहारिका गुप्ता और क्षेत्रीय श्रमायुक्त केंद्रीय मुकेश तिवारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। ऐसे आयोजनों से जमीनी स्तर पर श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में सकारात्मक प्रयास तेज होते हैं।
