पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव पर ईडी का शिकंजा, मनी लांड्रिंग का केस दर्ज | up politics news
बहुचर्चित एनआरएचएम घोटाले और आय से अधिक संपत्ति के मामले में कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेंद्र प्रताप के विरुद्ध प्रिवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इस कार्रवाई से राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है, क्योंकि वित्तीय भ्रष्टाचार के मामलों में अब केंद्रीय जांच एजेंसियां सीधे तौर पर शिकंजा कस रही हैं [up politics news]।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, विजिलेंस ने इससे पहले पूर्व विधायक को आय से अधिक संपत्ति जुटाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। विजिलेंस की टीम श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा और बहराइच जिलों में स्वास्थ्य विभाग के ठेकों में हुई धांधली की जांच कर रही है। आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2021-22 के बीच एनआरएचएम योजनाओं के तहत नियमों को ताक पर रखकर ठेके बांटे गए थे। पूर्व विधायक की फर्मों को मिले कार्यों में बड़े पैमाने पर ओवररेटिंग, बिना काम कराए भुगतान और दवाओं की सप्लाई में अनियमितता के पुख्ता सबूत सामने आए हैं, जिसके आधार पर अब कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
