कानपुर में सपा विधायक का थाने में हंगामा, पुलिस हिरासत से युवक को छुड़ाया | up politics news
उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्थानीय राजनीति और पुलिस प्रशासन के बीच उस وقت टकराव की स्थिति बन गई, जब चोरी के मामले में पकड़े गए एक संदिग्ध को लेकर सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने मोर्चा खोल दिया। मामला फीलखाना थाना क्षेत्र का है, जहां विधायक ने पुलिस चौकी के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है [up politics news]।
घटना की शुरुआत तब हुई जब द्वारिकाधीश मंदिर के मैनेजर के घर हुई चोरी के मामले में पुलिस ने अमन अग्रवाल नामक युवक को पूछताछ के लिए उठाया था। विधायक का आरोप है कि पुलिस ने हिरासत में युवक को बेरहमी से पीटा और गलत फंसाने की साजिश रची। इस मनमानी के खिलाफ विधायक सिरकी मोहाल पुलिस चौकी के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में व्यापारियों, वकीलों और यहाँ तक कि सत्ताधारी दल के कुछ स्थानीय पार्षद भी पहुँच गए, जिससे यह मामला और तूल पकड़ गया।
धरने के दौरान एसीपी कोतवाली के साथ विधायक की तीखी बहस हुई। पुलिस अधिकारियों का तर्क था कि संदिग्ध से पूछताछ के लिए प्रक्रिया अपनाई जा रही थी, जबकि विधायक ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे प्रताड़ना केंद्र करार दिया। इस विरोध प्रदर्शन का असर आम जनता की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस-प्रशासनिक तालमेल पर गहरा पड़ता है। बढ़ते दबाव और उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार पुलिस ने युवक को छोड़ दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।
