हरिपदी गंगा घाट के पुनर्विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, up news के तहत निरीक्षण जारी
तीर्थ नगरी के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए हरिपदी गंगा के प्राचीन घाट के अग्रभाग और छतरी के पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला मजिस्ट्रेट प्रणय सिंह ने हाल ही में इस महत्वूपर्ण परियोजना का औचक निरीक्षण किया, जिससे प्रशासनिक अमले में सक्रियता देखी जा रही है। इस विकास पहल के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जा रहा है, जिससे भविष्य में तीर्थयात्रियों को अधिक सुगम अनुभव प्राप्त हो सके।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1510.87 लाख रुपये है, जिसमें से अब तक 755.00 लाख रुपये की धनराशि संबंधित एजेंसी को जारी की जा चुकी है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने घाट की सीढ़ियों के निर्माण, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, दुकानों के सौंदर्यीकरण, चेंजिंग रूम और फोकस वॉल जैसे तमाम विकास कार्यों की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के अभियंताओं को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए और सभी कार्य तय मानकों के अनुसार ही पूरे हों।
धार्मिक स्थलों के कायाकल्प से स्थानीय स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा मिलने की पूरी उम्मीद है, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस प्रकार के विकास कार्यों से न केवल प्राचीन धरोहरों का संरक्षण होता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक पहचान भी सुरक्षित रहती है।
निरीक्षण के अंत में अधिकारियों ने निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी वीरेन्द्र सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और निर्माणदायी संस्था के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
