आगरा में agra news के तहत बिना मान्यता चल रहे स्कूलों पर बड़ी कार्रवाई, एक-एक लाख का जुर्माना
उत्तर प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में आगरा जिले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई है। बिना मान्यता के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले विद्यालयों पर प्रशासन का यह कदम बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जिला प्रशासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिले के विभिन्न ब्लॉकों में संचालित 58 अवैध निजी स्कूलों की पहचान की है। इन सभी पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया गया है। इसके अलावा, खंड शिक्षा अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं कि इन स्कूलों का संचालन तत्काल बंद कराया जाए। यदि जुर्माने के बाद भी ये संस्थान संचालित पाए जाते हैं, तो उन पर प्रतिदिन के हिसाब से अतिरिक्त आर्थिक दंड और आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।
दूसरी ओर, बिना विभागीय संबद्धता के अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई करा रहे 73 मदरसों को भी रडार पर लिया गया है। इन मदरसों के प्रबंधकों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर वैध साक्ष्यों के साथ जवाब देने को कहा गया है। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर अंग्रेजी माध्यम के संचालन के लिए अलग से अनुमति लेना अनिवार्य है, जिसके अभाव में यह कार्रवाई की गई है।
प्रशासनिक कसावट केवल स्कूलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विभागीय कार्यों में कोताही बरतने वाले कर्मियों पर भी गाज गिरी है। ऑनलाइन पोर्टल पर यू-डायस, अपार आईडी और डीबीटी से जुड़े कार्यों में लापरवाही मिलने पर कई कंप्यूटर ऑपरेटरों और ब्लॉक एमआईएस कर्मियों का वेतन रोक दिया गया है। जब तक लंबित कार्य पूरे नहीं होते, तब तक मानदेय का भुगतान नहीं किया जाएगा।
