रक्षाबंधन से पहले 611 बहनों को मिले खोए मोबाइल, कानपुर पुलिस ने लौटाए 111 फोन
रक्षाबंधन के पावन अवसर से ठीक पहले, कानपुर में रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने एक सराहनीय पहल करते हुए 611 चोरी हुए, छीने गए या खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनकी मालकिनों को लौटा दिए। इस कदम से 611 महिलाओं के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। मोबाइल पाकर सभी ने जीआरपी अधिकारियों और जवानों का आभार व्यक्त किया। जीआरपी सेंट्रल ने यह पहला मौका है जब रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर इतनी बड़ी संख्या में खोए हुए मोबाइल बरामद कर उन्हें सौंपा गया है।
खोए मोबाइल की वापसी से लोगों को मिली राहत
कई महिलाओं ने बताया कि मोबाइल खोने के बाद उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वे कभी वापस मिलेंगे, लेकिन रेलवे पुलिस की मेहनत से उनके अनमोल तोहफे रक्षाबंधन से ठीक पहले वापस मिल गए। एक महिला ने बताया कि उसके भाई ने रक्षाबंधन पर उसे यह फोन गिफ्ट किया था, और रेलवे पुलिस की तत्परता ने उसके इस कीमती तोहफे की लाज बचाई।
पुलिस की कार्यशैली की सराहना
जीआरपी के एसपी रेलवे प्रशांत वर्मा ने बताया कि प्रयागराज मंडल में इतने सारे चोरी, छिनैती या गुम हुए मोबाइल बरामद करना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इस सराहनीय कार्य के लिए जीआरपी प्रभारी ओएन सिंह सहित पूरी टीम को 10,000 रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है।
दक्षिण जोन पुलिस ने भी लौटाए 111 मोबाइल
वहीं, कानपुर के दक्षिण जोन की पुलिस ने भी रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर 111 गुम हुए मोबाइल को उनके मालिकों को लौटाया। मोबाइल पाकर स्वामियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने बताया कि मोबाइल खोने के बाद उन्हें कोई आस नहीं थी कि वे वापस मिलेंगे, लेकिन डीसीपी दक्षिण जोन कार्यालय से फोन आने पर उन्हें विश्वास नहीं हुआ। मोबाइल मिलने के बाद उन्होंने आला अधिकारियों का आभार जताया।
डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि बीते कई महीनों से क्षेत्र में गुम हुए मोबाइल की शिकायतों पर सर्विलांस टीम लगातार काम कर रही थी। सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से 111 मोबाइल बरामद कर उनके स्वामियों को सौंपे गए। इनमें कई मोबाइल कानपुर के अलावा दूसरे जिलों और राज्यों से ट्रेस कर बरामद किए गए थे। इस तरह की कार्रवाई से आम जनता का पुलिस पर विश्वास और मजबूत होता है।
