गंगा का जलस्तर बढ़ा, कटरी के गांवों में घुसा पानी, बाढ़ का खतरा बढ़ा
गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने तटीय इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। कटरी क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई गांवों के संपर्क मार्ग भी पानी में डूब गए हैं, जिससे आवागमन बाधित हो गया है।
बाढ़ का बढ़ता खतरा
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि गंगा का जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा, तो अगले दो से तीन दिनों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो सकती है। फिलहाल, बैराज के सभी 30 गेट पूरी तरह से खोल दिए गए हैं। पिछले 10 दिनों से लगातार तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। मंगलवार को 3,48,012 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। इसका सीधा असर डाउनस्ट्रीम में दिख रहा है, जहां बैराज से अटल घाट तक गंगा खतरे के निशान के करीब बह रही हैं।
चेतावनी बिंदु के करीब
शुक्लागंज गेज पर जलस्तर कानपुर नगर की ओर चेतावनी बिंदु से मात्र 38 सेमी नीचे है। वहीं, उन्नाव की तरफ कानपुर के गांवों में गंगा खतरे के निशान की ओर बढ़ रही हैं। चैनपुरवा और उसके आसपास के लगभग आधा दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। ग्रामीण अपनी आवश्यक वस्तुओं जैसे राशन और भूसा को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुट गए हैं।
