कानपुर होजरी मजदूरों ने न्यूनतम वेतन के लिए अपर श्रमायुक्त से लगाई गुहार, New Minimum Wage की मांग
कानपुर के होजरी मजदूरों ने न्यूनतम वेतनमान को लेकर अपर श्रमायुक्त से गुहार लगाई है। भारतीय होजरी मजदूर संघ ने एक ज्ञापन सौंपकर बताया कि सरकार द्वारा इस साल 17 अप्रैल को घोषित न्यूनतम वेतन होजरी उद्योग में लागू नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा, उद्योग में काम करने वाले कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा और भविष्य निधि जैसी मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रखा जा रहा है।
भारतीय मजदूर संघ के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री सुखदेव प्रसाद मिश्र ने बताया कि होजरी उद्योग के कर्मचारियों का वेतन समझौता 2023 में हुआ था, लेकिन तब से समस्याओं पर कोई चर्चा नहीं हुई है। पिछले तीन वर्षों में महंगाई काफी बढ़ गई है, इसलिए वेतन पुनरीक्षण की तत्काल आवश्यकता है।
अपर श्रमायुक्त शमीम अख्तर ने मजदूरों की मांगों को सुनकर उन्हें आश्वस्त किया कि होजरी उद्योगों में वेतन पुनरीक्षण की कार्रवाई की जाएगी। इस मुलाकात के दौरान कृष्ण वीर बाथम, दीपू रावत, राज वर्मा, चंद्रेश भारती, विनोद अवस्थी, राम प्रसाद सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। इस मामले का समाधान होने से हजारों मजदूरों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है।
