शारीरिक लक्षणों के पीछे छिपी मानसिक बीमारी को समझें: कानपुर में हुआ विशेष कार्यक्रम
कानपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शारीरिक लक्षणों के पीछे छिपी मानसिक और भावनात्मक बीमारियों को समझने पर जोर दिया गया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) द्वारा ‘बियॉन्ड द बॉडी–डिकोडिंग साइकोलॉजिकल डिस्ट्रेस बिहाइंड फिजिकल सिम्पटम्स’ विषय पर हुए इस आयोजन में वरिष्ठ मनोचिकित्सकों ने विभिन्न मानसिक विकारों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में ऑटिज्म, सोमैटिक सिम्पटम डिसऑर्डर, डिमेंशिया, माइल्ड कॉग्निटिव इम्पेयरमेंट, और विभिन्न प्रकार की निर्भरताओं (जैसे पेनकिलर व बेंजोडायजेपीन) पर विस्तृत चर्चा हुई। मनोचिकित्सकों ने बताया कि अक्सर शरीर पर दिखने वाले लक्षण मन की गहराइयों में चल रही परेशानियों का संकेत होते हैं, जिन्हें समझना मरीजों के बेहतर उपचार के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस पहल के दूसरे चरण में, एक ऑनलाइन काउंसलिंग सेवा का शुभारंभ किया गया। यह सेवा अवसाद (डिप्रेशन), चिंता (एंग्जायटी), घबराहट, नींद की समस्या, रिश्तों में तनाव, नशे की लत और अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों से जूझ रहे लोगों को ऑनलाइन परामर्श प्रदान करेगी। इस सेवा का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य सहायता को अधिक सुलभ बनाना है, जिससे जरूरतमंद लोग आसानी से मदद प्राप्त कर सकें।
