अलीगढ़: पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर हवन-यज्ञ और भंडारे का आयोजन, UP politics चर्चा में
अलीगढ़ के अतरौली में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ की पांचवीं पुण्यतिथि को हिंदू गौरव दिवस के रूप में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर अतरौली ब्लॉक से लेकर अवंतीबाई चौराहा, स्वर्णकार बगीची और नरौरा स्थित समाधि स्थल तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में हवन-यज्ञ, माल्यार्पण और भंडारे शामिल थे, जिनके माध्यम से बाबूजी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
अतरौली ब्लॉक परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पूर्व ब्लॉक प्रमुख केहर सिंह राजपूत, बीडीओ नरेंद्र सिंह सहित कई अधिकारियों ने बाबूजी के चित्र पर माल्यार्पण किया। केहर सिंह राजपूत ने कहा कि बाबूजी द्वारा गरीबों और पिछड़ों के कल्याण के लिए शुरू की गई योजनाएं आज भी प्रासंगिक हैं।
नगर पालिकापरिषद के पूर्व चेयरमैन पवन कुमार वर्मा अपने समर्थकों के साथ लखनऊ में आयोजित पूर्व मुख्यमंत्री की पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल हुए। भाजपा नेता संदीप शर्मा और नवाब सिंह एडवोकेट सहित कई अन्य स्थानीय नेता भी लखनऊ में आयोजित कार्यक्रमों में उपस्थित रहे।
स्वर्णकार समाज की ओर से बगीची पर हवन-यज्ञ और भंडारे का आयोजन किया गया। यहां कृष्ण मोहन वार्ष्णेय और मुकेश वर्मा जैसे गणमान्य व्यक्तियों ने बाबूजी को श्रद्धांजलि दी और सैकड़ों लोगों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
मुख्य कार्यक्रम अवंतीबाई लोधी चौराहा पर आयोजित हुआ, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-यज्ञ किया गया और बाबूजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। वक्ताओं ने अतरौली को बाबूजी की जन्म और कर्मभूमि बताते हुए उनके राजनीतिक सफर और सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। राम मंदिर आंदोलन के दौरान सत्ता छोड़ने के उनके निर्णय को एक ऐतिहासिक कदम बताया गया। इस तरह के आयोजन सार्वजनिक जीवन में नेताओं के योगदान को याद रखने और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।
