ईरान में प्रदर्शनकारियों को ‘ईश्वर का शत्रु’ घोषित करने की धमकी, मौत की सजा का प्रावधान | Iran protests
ईरान में सरकार ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने सरकारी टेलीविजन पर चेतावनी जारी करते हुए कहा कि प्रदर्शनों में भाग लेने वाले किसी भी व्यक्ति को “मोहरेब” (ईश्वर का शत्रु) माना जा सकता है। यह एक ऐसा आरोप है जिसके लिए ईरानी कानून के तहत मौत की सजा सहित कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब प्रदर्शन अपने दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुके हैं। ये आंदोलन, जो शुरू में आर्थिक संकट और महंगाई के खिलाफ शुरू हुए थे, अब इस्लामी गणराज्य के खिलाफ सबसे बड़े आंदोलनों में से एक बन गए हैं। प्रदर्शनकारी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ नारे लगा रहे हैं, जो शासन के प्रति बढ़ते असंतोष को दर्शाता है।
सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए देशव्यापी इंटरनेट ब्लैकआउट लागू कर दिया है, ताकि सूचना के प्रसार को रोका जा सके और हिंसा को छुपाया जा सके। सर्वोच्च नेता खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को “उपद्रवी” और “विदेशी ताकतों के एजेंट” करार दिया है, जबकि न्यायपालिका प्रमुख ने “अधिकतम सजा” देने की बात कही है।
इस दमनकारी रवैये के बावजूद, प्रदर्शन जारी हैं। यह स्थिति ईरान के लिए एक गंभीर चुनौती पेश कर रही है, क्योंकि आर्थिक मुद्दे अब सीधे तौर पर धार्मिक व्यवस्था और शासन के खिलाफ एक चुनौती में बदल गए हैं। आगे की स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण बनी हुई है।
