ट्रंप का दावा: US Tariffs से अमेरिका ने कमाए सैकड़ों अरब डॉलर, भारत पर भी असर
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी टैरिफ नीति की जमकर तारीफ की है। उन्होंने दावा किया है कि उनके प्रशासन द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए टैरिफ से अमेरिका ने अब तक सैकड़ों अरब डॉलर कमाए हैं और यह आंकड़ा जल्द ही 600 अरब डॉलर को पार कर जाएगा। ट्रंप ने इस नीति को देश की आर्थिक मजबूती और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया, जिससे अमेरिका पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली और सम्मानित हुआ है। इस नीति का सीधा असर वैश्विक व्यापार पर पड़ा है, जिससे कई देशों के साथ अमेरिका के आर्थिक संबंध प्रभावित हुए हैं।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका ने टैरिफ से बड़ी रकम जुटाई है और जल्द ही 600 अरब डॉलर से अधिक की कमाई होगी। उन्होंने मीडिया पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे इस मुद्दे पर चुप हैं क्योंकि वे अमेरिका से नफरत करते हैं और उसे कमजोर देखना चाहते हैं। ट्रंप ने यह भी लिखा कि टैरिफ की वजह से अमेरिका आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बहुत मजबूत हो गया है।
हालांकि, ट्रंप की इस नीति को लेकर विवाद भी कम नहीं है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ लगाने के राष्ट्रपति के अधिकारों को चुनौती दी गई है। ट्रंप ने पहले भी कहा था कि अगर कोर्ट उनके फैसले के खिलाफ जाता है तो यह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अब तक की सबसे बड़ी धमकी होगी। कोर्ट में नवंबर में सुनवाई हुई थी और फैसला 2026 में आने की उम्मीद है।
ट्रंप की टैरिफ नीति का असर कई देशों पर पड़ा है, जिसमें भारत भी शामिल है। भारतीय निर्यात पर फिलहाल 50 फीसदी टैरिफ लगा हुआ है, जिसमें से आधी रकम भारत के रूसी कच्चे तेल की खरीद से जुड़ी हुई है। ट्रंप ने हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा था कि मोदी जानते थे कि ट्रंप उनकी रूसी तेल खरीद से खुश नहीं हैं। ट्रंप के अनुसार, भारत ने उन्हें खुश करने की कोशिश की क्योंकि अमेरिका भारतीय सामान पर टैरिफ बहुत जल्दी बढ़ा सकता है, जो भारत के लिए काफी नुकसानदायक होगा।
ट्रंप लगातार यह तर्क देते रहे हैं कि टैरिफ न केवल पैसा कमाते हैं बल्कि अमेरिका को विदेशी निर्भरता से भी बचाते हैं। उनका मानना है कि दूसरे देश अमेरिका पर टैरिफ लगाते थे लेकिन अमेरिका चुप रहता था, अब ऐसा नहीं होगा। इस नीति से फैक्टरियां अमेरिका में वापस आ रही हैं और नौकरियां बढ़ रही हैं। हालांकि, आलोचक कहते हैं कि टैरिफ की वजह से सामान महंगा हो रहा है और आम अमेरिकी उपभोक्ताओं को नुकसान हो रहा है।
