आगरा में दूधिया को थर्ड डिग्री: चौकी प्रभारी निलंबित, थाना प्रभारी लाइन हाजिर, जांच जारी | Agra police news
आगरा में पुलिस बर्बरता का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दूधिया को थर्ड डिग्री देने के आरोप में जीवनी मंडी चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है, जबकि छत्ता थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया है। इस घटना ने स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। `Agra police news` के अनुसार, पीड़ित नरेंद्र कुशवाह को टेंपो चलाने से इनकार करने पर बेरहमी से पीटा गया था।
सैंया के बाग किशोरा वीरई निवासी नरेंद्र कुशवाह अपने भाई के साथ घर-घर दूध बांटकर गुजारा करते हैं। शुक्रवार को जीवनी मंडी चौकी प्रभारी रविंद्र कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों ने उन्हें चौकी और फिर छत्ता थाने ले जाकर अमानवीय यातनाएं दीं। पुलिसकर्मियों ने नरेंद्र को इतना पीटा कि दो डंडे टूट गए और उसके पैरों में सूजन आ गई। बर्बरता की हद तो तब पार हो गई जब प्लास से उसके पैर के नाखून खींच लिए गए। नरेंद्र का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने पुलिसकर्मियों को छत्ता थाने तक छोड़ने के लिए अपना टेंपो चलाने से मना कर दिया था। उसके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड या हिस्ट्रीशीट नहीं है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, शिकायत के बाद शनिवार को चौकी प्रभारी रविंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया था। रविवार को डीसीपी सिटी ने शिथिल पर्यवेक्षण का दोषी पाते हुए छत्ता थाना प्रभारी प्रमोद कुमार को भी लाइन हाजिर कर दिया। एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय ने मामले की जांच शुरू कर दी है और रविवार दोपहर पीड़ित नरेंद्र कुशवाह के बयान दर्ज किए। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने आश्वासन दिया है कि प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें मुकदमा दर्ज करना भी शामिल है।
इस घटना के बाद से परिवार और स्थानीय लोगों में पुलिस के रवैये के प्रति भारी आक्रोश है। सपा नेताओं ने भी जीवनी मंडी चौकी पर पहुंचकर पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ प्रदर्शन किया और दोषी पुलिसकर्मियों पर तत्काल मुकदमा दर्ज करने की मांग की। उन्होंने दो दिन के भीतर मुकदमा दर्ज न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है। यह घटना पुलिस बल में जवाबदेही और मानवीय व्यवहार की आवश्यकता पर बल देती है।
