यूपी में जर्जर संपत्तियों को तोड़कर बनेंगे नए भवन, शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को मंजूरी
उत्तर प्रदेश सरकार ने जर्जर और बेकार पड़ी संपत्तियों के कायाकल्प की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने गुरुवार को ‘शहरी पुनर्विकास नीति 2026’ को मंजूरी दे दी है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य शहरों में अनुपयोगी हो चुकी इमारतों को हटाकर उनकी जगह आधुनिक और सुरक्षित भवनों का निर्माण करना है। यह कदम न केवल शहरी परिदृश्य को सुधारेगा, बल्कि नई निर्माण गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।
इस नीति के तहत, भवन निर्माण मानचित्रों की मंजूरी की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा, जिससे नियमों का पालन करते हुए निर्माण कार्य तेजी से हो सकेगा। इसके साथ ही, विकास शुल्कों में भी संशोधन किया जाएगा ताकि यह अधिक व्यावहारिक हो। इस नीति का सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा, क्योंकि यह शहरों में बेहतर और सुरक्षित आवास विकल्प उपलब्ध कराने में सहायक होगी।
इसके अतिरिक्त, मंत्रिमंडल ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार, बहराइच जिले के परतापुर गांव जैसे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में परिवारों को सरकारी आवास और जमीन का पट्टा दिया जाएगा। कुल 136 परिवारों को आवास के साथ-साथ खेती के लिए भी जमीन पट्टे पर दी जाएगी, जिससे वे अपनी आजीविका फिर से शुरू कर सकें।
एक अन्य अहम फैसले में, बांग्लादेश से विस्थापित 99 हिंदू बंगाली परिवारों को मेरठ जिले से कानपुर देहात और अन्य स्थानों पर बसाया जाएगा। ये परिवार वर्तमान में झील की जमीन पर अवैध रूप से रह रहे थे। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के अनुपालन में, इन परिवारों को 30 साल के पट्टे पर जमीन दी जाएगी, जिसे भविष्य में बढ़ाया भी जा सकेगा। यह कदम विस्थापितों को एक स्थायी आश्रय प्रदान करेगा और पर्यावरणीय नियमों का भी पालन सुनिश्चित करेगा।
अलीगढ़ जेल में दुष्कर्म आरोपी की संदिग्ध मौत, पोस्टमार्टम से होगा खुलासा
अलीगढ़ में रस्साकसी चैंपियनशिप: खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, जैफरी गांव की टीम विजयी
सवर्ण समाज का UGC के खिलाफ प्रदर्शन, काला कानून वापस लेने की मांग
शिवली में कार की टक्कर से युवक की दर्दनाक मौत, पुलिस ने शुरू की तलाश
कानपुर: तेज रफ्तार कार की टक्कर से युवक की मौत, ड्राइवर की तलाश जारी
ईको गार्डन में कोटेदारों का प्रदर्शन, लाभांश बढ़ाने की मांग
यूपी में स्मार्ट मीटर पखवाड़ा: बिजली विभाग की टीम घर-घर जाकर लेगी उपभोक्ताओं से फीडबैक
आईआईटी महिला किसानों को सिखाएगा जैविक खाद बनाना, UP में 70 एफपीओ को मिलेगा लाभ
