Netflix की समीर वानखेड़े पर दलील: व्यंग्य को गंभीरता से न लें
ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स ने दिल्ली हाई कोर्ट में IRS अधिकारी समीर वानखेड़े द्वारा ‘द बैड्स ऑफ बालीवुड’ सीरीज पर अंतरिम रोक लगाने की मांग वाली याचिका का कड़ा विरोध किया है। नेटफ्लिक्स की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील ने अदालत को बताया कि यह शो बॉलीवुड संस्कृति, व्यंग्य और डार्क कॉमेडी को दर्शाता है, इसलिए इसे मानहानि के मामले में नहीं रोका जा सकता।
अदालत में नेटफ्लिक्स ने तर्क दिया कि समीर वानखेड़े को केवल डेढ़ मिनट के एक व्यंग्यपूर्ण दृश्य को लेकर अत्यधिक संवेदनशील होने की आवश्यकता नहीं है, खासकर तब जब वह स्वयं इसे व्यंग्य मानते हैं। कंपनी के अनुसार, ऐसे मामलों में मानहानि की सीमा काफी अधिक होती है, जिसे प्रारंभिक चरण में साबित करना मुश्किल होता है। वादी को इसे मुकदमे के दौरान ही साबित करना होगा, तभी वह हर्जाने का हकदार होगा।
वकील ने यह भी कहा कि केवल यह दिखाना कि शो में अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान का उल्लेख है, उनके दावे को पुष्ट करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब पूरी सीरीज को समग्र रूप से देखा जाता है, तो यह बॉलीवुड पर एक बड़ा मजाक है, जिसका उद्देश्य फिल्म उद्योग और उसके कामकाज के तरीके को उजागर करना है।
न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुना और मामले की अगली सुनवाई के लिए दो दिसंबर की तारीख तय की। इस दिन समीर वानखेड़े के वकील जवाबी दलीलें पेश करेंगे। पीठ ने समीर वानखेड़े के वकील को अपने लिखित बयान भी दाखिल करने का निर्देश दिया है।
प्रदूषण पर CJI की दो टूक: हमारे पास कोई जादुई छड़ी नहीं
WPL नीलामी: 67 खिलाड़ी बिके, 2026 सीजन के लिए टीमों का बदला समीकरण
कर्नाटक कांग्रेस में कुर्सी की जंग: खरगे ने बुलाई दिल्ली में अहम बैठक
लिव-इन पार्टनर की हत्या के बाद कार में सो गया हत्यारा, नशे में धुत कंडक्टर गिरफ्तार
दिल्ली में अंतिम संस्कार अब सिर्फ गोबर के कंडों से, लकड़ी पर MCD का प्रतिबंध
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का समापन: थाई ज्वेलरी से अफगान ड्राई फ्रूट्स तक, खरीदारों की लगी भीड़
अरावली पहाड़ियों पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, कांग्रेस और केंद्र सरकार में राजनीतिक घमासान
आईआईटी दिल्ली का अनूठा प्रयास: नदी शहरों के लिए प्रकृति-आधारित समाधानों का विकास
