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अंडे के बढ़ते दाम से मध्याह्न भोजन पर संकट, स्कूलों में बढ़ी परेशानी

By Dec 6, 2025

गयाजी के स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना एक अप्रत्याशित संकट का सामना कर रही है, जिसका मुख्य कारण अंडे के दामों में आई भारी वृद्धि है। सरकार द्वारा मध्याह्न भोजन के तहत बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए शुक्रवार को अंडे परोसने का प्रावधान है। हालांकि, अंडे की कीमत में आई अप्रत्याशित उछाल ने प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की नींद उड़ा दी है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने एक अंडे के लिए पांच रुपये की दर निर्धारित की है, लेकिन वर्तमान बाजार मूल्य आठ रुपये प्रति अंडे तक पहुंच गया है। इस पांच रुपये के अंतर की भरपाई के लिए स्कूल प्रबंधन को अपनी जेब से अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ रही है। मध्य विद्यालय बहेराडीह की प्रधानाध्यापिका गुड्डी कुमारी ने इस समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि पांच रुपये में अंडा उपलब्ध कराना संभव नहीं है और सरकार को इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करना चाहिए।

मध्य विद्यालय गरवैया के प्रधान चंद्रशेखर ने बताया कि अंडे के बढ़े दामों ने प्रशासन के सामने एक विकट स्थिति उत्पन्न कर दी है। बच्चे मीनू के अनुसार अंडा न मिलने पर नाराज हो जाते हैं और शिकायतें भी करते हैं। मध्य विद्यालय खरांटी के प्रधान रामू ने बताया कि मीनू के अनुसार भोजन देना अनिवार्य होने के कारण कई बार उन्हें अपने वेतन से भी पैसे खर्च करने पड़ते हैं।

मध्य विद्यालय नदरपुर की प्रधानाध्यापिका सिया देवी ने भी अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा कि अंडे न मिलने पर बच्चे आक्रोशित हो जाते हैं, और अभिभावक व जनप्रतिनिधि भी इस मुद्दे पर आपत्ति जता चुके हैं। हालांकि, अंडे के बढ़े मूल्य पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।

मध्याह्न भोजन प्रभारी ने बताया कि ठंड के मौसम में अंडे की कीमत बढ़ने की आशंका बनी रहती है। विद्यालय प्रधानों की मुख्य मांग है कि सरकार अंडे के मौजूदा बाजार मूल्य के अनुरूप राशि निर्धारित करे। इससे बच्चों को समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा और स्कूल प्रबंधन को भी आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी। यह स्थिति शिक्षा विभाग के लिए एक चुनौती पेश कर रही है, जिसे शीघ्र समाधान की आवश्यकता है।

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