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नवादा की सकरी नदी में मिली प्राचीन विष्णु प्रतिमा, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

By Nov 23, 2025

नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड में सकरी नदी से एक अद्भुत और प्राचीन प्रतिमा मिलने से स्थानीय लोगों में कौतूहल का माहौल है। रविवार दोपहर को पंचवैहनी देवी स्थान के पास पंचवैहनी देवी स्थान मंदिर के समीप सकरी नदी में जेसीबी मशीन से बालू खनन किया जा रहा था। इसी दौरान, खनन के गड्ढे से भगवान विष्णु की एक अत्यंत प्राचीन प्रतिमा निकली।

प्रतिमा मिलने की खबर तेजी से फैल गई और देखते ही देखते नदी के किनारे सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई। लोग प्रतिमा को देखकर अचंभित थे और श्रद्धापूर्वक उसकी पूजा-अर्चना करने लगे। इस दृश्य ने स्थानीय लोगों को उत्साहित कर दिया और कई लोग प्रतिमा को वहीं स्थापित करने की मांग करने लगे।

सूचना मिलने पर गोविंदपुर पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। प्रभारी थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने प्रतिमा का निरीक्षण किया और बताया कि इसकी प्रामाणिकता और काल की जानकारी के लिए इसे पुरातत्व विभाग को सौंपा जाएगा। पुलिस के समझाने के बाद स्थानीय मुखिया को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई और वे आगे की कार्रवाई करेंगे।

प्रारंभिक जांच में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के वरिष्ठ मूर्ति विशेषज्ञ डा. जलज कुमार तिवारी ने इस मूर्ति को नागराज के रूप में पहचाना है। बुद्ध स्मृति पार्क संग्रहालय, पटना के प्रभारी डा. शिव कुमार मिश्र के अनुसार, यह प्रतिमा पाल कालीन हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि नियमानुसार ऐसी पुरातात्विक महत्व की मूर्तियों को सरकारी संग्रहालय में संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि नारद संग्रहालय में पहले से भी नागराज की एक मूर्ति मौजूद है, और नालंदा व नवादा जिलों में ऐसी मूर्तियां पहले भी मिल चुकी हैं, जो पटना संग्रहालय और नालंदा के पुरातात्विक संग्रहालय में रखी हुई हैं।

भारतीय खजाना खोज अधिनियम 1878 और बिहार पुलिस मैनुअल 1978 के अनुसार, ऐसी पुरातात्विक साक्ष्यों को जिला कलेक्टर के माध्यम से सरकारी संग्रहालय में जमा कराना आवश्यक है। हालांकि, स्थानीय लोग प्रतिमा को उसी स्थान पर स्थापित करने की मांग कर रहे थे, जिससे थोड़ी देर के लिए तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने लोगों को समझा-बुझाकर प्रतिमा को जांच के लिए ले जाने की प्रक्रिया शुरू की है।

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