नूंह डिपो में रोडवेज कर्मियों की हड़ताल, सुविधाओं में कटौती और खाली पदों पर भर्ती की मांग
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नूंह डिपो में 8 दिसंबर को एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल करने का निर्णय लिया है। यह फैसला बुधवार को डिपो प्रधान मोहम्मद अंसार की अध्यक्षता में हुई एक विशेष बैठक में लिया गया, जिसका संचालन डिपो सचिव जयसिंह चौहान ने किया। बैठक में सीआईटीयू के राज्य महासचिव जयभगवान, राज्य उपप्रधान जयकुंवार दहिया और डिपो चेयरमैन खुर्शीद अहमद भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
सूत्रों के अनुसार, यूनियन के नेताओं ने बताया कि राज्य कमेटी की परिवहन मंत्री, महानिदेशक राज्य परिवहन और अन्य उच्च अधिकारियों के साथ 34 सूत्रीय मांग पत्र पर तीन दौर की वार्ता हो चुकी है। सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को जायज ठहराते हुए पत्र जारी करने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन अब तक किसी भी मांग को लागू करने के लिए कोई आधिकारिक पत्र जारी नहीं किया गया है।
इस देरी के चलते कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं में कटौती के आदेश जारी किए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने कपड़े धुलाई भत्ता काटने, वर्कशॉप कर्मचारियों को साबुन न देने, साइकिल भत्ता बंद करने, रात्रि भत्ता कम करने, मार्गाें का निरीक्षण किए बिना चालकों और परिचालकों से ओवरटाइम कम कराने, समयानुसार किलोमीटर बढ़ाने, बच्चों का शिक्षा भत्ता समय पर न देने, मेडिकल बिलों के भुगतान में देरी और कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू न करने जैसे मुद्दों पर नाराजगी जताई है।
इसके अतिरिक्त, यूनियन सभी खाली पदों पर पक्की भर्ती करने और जनसंख्या के अनुपात में रोडवेज के बेड़े में 8,000 नई बसें शामिल करने की भी मांग कर रही है। इन मांगों को लेकर ही 8 दिसंबर को नूंह डिपो में कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठेंगे। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि इस हड़ताल के दौरान किसी भी प्रकार की क्षतिपूर्ति की जिम्मेदारी पूरी तरह से हरियाणा सरकार की होगी। बैठक में जयभगवान, जयकुंवार दहिया, खुर्शीद अहमद, मोहम्मद अंसार, जयसिंह चौहान, नाजीर फकरुदिन, नयाज अहमद और इकबाल सहित कई अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
