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नरकटियागंज की सड़कें बनीं बालू-गिट्टी के गोदाम, यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे

By Dec 3, 2025

पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज अनुमंडल मुख्यालय क्षेत्र में सड़कों का हाल बेहाल है। प्रमुख सड़कों से लेकर ग्रामीण इलाकों के चौक-चौराहों तक, गिट्टी और बालू का अवैध कारोबार इस कदर बढ़ गया है कि सड़कें निर्माण सामग्री के गोदाम में तब्दील हो गई हैं। सड़क किनारे ही नहीं, बल्कि सड़क के बड़े हिस्से पर निर्माण सामग्री रखकर कारोबार किया जा रहा है, जिससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार को लालमति देवी की बालू पर बाइक फिसलने से ट्रक की चपेट में आकर हुई मौत ने इस समस्या को लेकर लोगों की चिंता और आक्रोश को और बढ़ा दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण सामग्री बेचने वालों ने सड़क के आधे से अधिक हिस्से पर अवैध कब्जा जमा रखा है। सबसे खराब स्थिति बाजार समिति रोड की है, जो बलथर होते हुए नेपाल सीमा को जोड़ती है। लगभग पचास फीट चौड़ी यह सड़क इस अवैध व्यापार के कारण मात्र दस से पंद्रह फीट की रह गई है।

सड़क पर बिखरी गिट्टी और बालू के कारण दोपहिया वाहनों के फिसलने का खतरा लगातार बना रहता है, वहीं बड़े वाहनों को गुजरने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सूत्रों के अनुसार, बाजार समिति चौक से पंडई नदी पुल तक करीब एक किलोमीटर के हिस्से में जगह-जगह बालू व गिट्टी के ढेर लगे हैं। यही हाल नरकटियागंज-व्यासपुर मार्ग के धुमनगर और अजुआ चौक का भी है, जहाँ यह व्यवसाय लंबे समय से बिना किसी रोक-टोक के चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण आए दिन बाइक सवार फिसलकर घायल हो रहे हैं। उड़ती बालू से आम लोगों, दुकानदारों और राहगीरों को भी परेशानी हो रही है।

जानकारों का कहना है कि इस मार्ग से रोजाना ढाई हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं, लेकिन निर्माण सामग्री को ढककर भी नहीं रखा जाता। यह चिंताजनक है कि तीन साल पहले नगर परिषद द्वारा मुख्य बाजार में सड़क पर रखे बालू के खिलाफ जुर्माना कार्रवाई की गई थी, लेकिन उसके बाद से सड़कों पर चल रहे इस बड़े पैमाने के अवैध धंधे पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

इस संबंध में नरकटियागंज के एसडीएम सूर्य प्रकाश गुप्ता ने कहा है कि सड़क किनारे या सड़क पर अवैध रूप से रखी गई बालू, पत्थर या अन्य सामग्रियां अतिक्रमण की श्रेणी में आती हैं। उन्होंने कहा है कि नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी समेत अन्य पदाधिकारियों को निर्देश दिया जा रहा है कि सभी जगहों को चिन्हित कर जुर्माना करें और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करें।

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