नगर आयुक्त के निरीक्षण में खुली सरकारी दफ्तरों की पोल, गंदगी और लापरवाही पर मचा हड़कंप
फिरोजाबाद में सरकारी दफ्तरों की कार्यप्रणाली पर सोमवार सुबह तब सवाल खड़े हो गए जब नगर आयुक्त गुंजन द्विवेदी ने स्वयं कमान संभाली और औचक निरीक्षण के लिए निकल पड़ीं। सुबह 10 बजे शुरू हुए इस निरीक्षण के दौरान विभिन्न कार्यालयों में व्याप्त अव्यवस्थाओं और लापरवाहियों ने नगर आयुक्त को भी चौंका दिया।
निरीक्षण की शुरुआत निर्माण विभाग से हुई, जहाँ प्रवेश द्वार के बाहर दीवारों पर गंदगी का अंबार देखकर नगर आयुक्त का पारा चढ़ गया। उन्होंने तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी गंदगी मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य कार्यालय और कार्यालय अधीक्षक के उपस्थिति रजिस्टर की जाँच के दौरान दो कर्मचारियों के ड्यूटी से नदारद रहने का मामला सामने आया। नगर आयुक्त ने सहायक नगर आयुक्त को इन कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के आदेश दिए। इसी क्रम में, लिपिक कृष्णा यादव द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के रिकॉर्ड के नाम पर दो कमरे घेर रखे थे। नगर आयुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए उन्हें एक कक्ष खाली करने की चेतावनी दी।
सहायक नगर आयुक्त का कक्ष खाली मिलने पर पूछताछ की गई, तो पता चला कि पूर्व सहायक नगर आयुक्त के जाने के बाद से यह कक्ष कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए उपयोग किया जा रहा था। नगर आयुक्त ने सहायक नगर आयुक्त आरपी सिंह को निर्देश दिया कि वे स्वयं कार्यालय में बैठकर कार्य करें। पार्षद कक्ष में निरीक्षण के दौरान आरओ सिस्टम खराब पाया गया, जिसे तुरंत ठीक कराने का आदेश दिया गया।
निर्माण विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ-साथ रिकॉर्ड के रखरखाव का भी जायजा लिया गया। कर विभाग और जन्म-मृत्यु कार्यालय में भी गंदगी और पत्रावलियों के अव्यवस्थित रखरखाव पर नाराजगी जताई गई। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि भविष्य में निरीक्षण के दौरान ऐसी कमियां दोबारा मिलने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान सहायक नगर आयुक्त निहाल चंद्र और सहायक नगर आयुक्त आरपी सिंह भी मौजूद रहे। नगर आयुक्त के इस सख्त रवैये से सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने की हिदायत मिली।
