नाभा जेल ब्रेक: उत्तराखंड के असलहा तस्कर को NIA ने दबोचा, 2016 की सनसनीखेज घटना से कनेक्शन खुला
पंजाब की नाभा जेल में 2016 में हुई सनसनीखेज जेल ब्रेक की घटना का उत्तराखंड कनेक्शन सामने आया है। राज्य के बाजपुर से मोहम्मद आसिम नामक एक असलहा तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, जिसका संबंध इस घटना से जुड़ा है। सूत्रों के अनुसार, आसिम ने नाभा जेल से फरार होने वाले दो आतंकियों और चार गैंगस्टरों को छुड़ाने में अहम भूमिका निभाई थी।
गिरफ्तार आरोपित का बाजपुर में ‘नक्श गन हाउस’ नाम से अपना गन हाउस है, जिसे वह अपने भाई के साथ मिलकर चलाता है। इसी आड़ में वह अवैध रूप से हथियारों की तस्करी भी करता था। यह जानकारी सामने आई है कि आसिम पूर्व में पंजाब के एक गन हाउस में भी काम कर चुका है।
वर्ष 2016 में नाभा जेल पर हुए हमले में, पुलिस की वर्दी पहने करीब 15 हथियारबंद लोग तीन गाड़ियों में आए थे। उन्होंने जेल में एक कैदी को लाने का बहाना बनाकर सुरक्षाकर्मियों को धोखा दिया और मेन गेट से प्रवेश किया। अंदर घुसते ही उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी और खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के आतंकी हरमिंदर सिंह मिंटू, आतंकी कश्मीर सिंह और चार खूंखार गैंगस्टर हरजिंदर सिंह भुल्लर, गुरप्रीत सिंह सेखों, कुलप्रीत सिंह नीटा देयोल व अमनदीप सिंह धोतियां को छुड़ा लिया। इस दौरान उन्होंने एक जेल गार्ड से उसकी एसएलआर गन भी छीन ली थी।
सूत्रों के अनुसार, आसिम ने इसी जेल ब्रेक कांड के दौरान फरार होने वाले इन खतरनाक कैदियों के लिए 100 से अधिक कारतूस उपलब्ध कराए थे। इस मामले में उसे साढ़े छह साल के लिए पटियाला जेल में भी रहना पड़ा था। हाल ही में, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भी बाजपुर स्थित उसके गन हाउस पर छापा मारा था और उससे व उसके भाई से पूछताछ की थी।
इस असलहा तस्कर की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम की एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने सराहना की और टीम को पांच हजार रुपये के इनाम की घोषणा की। इस टीम में कोतवाल रुद्रपुर मनोज रतूड़ी, निरीक्षक एसटीएफ एमपी सिंह, एसआइ जगदीश तिवारी, बृजभूषण गुरुरानी, प्रियांशु जोशी, देवेंद्र सिंह मेहता, एएसआइ प्रकाश भगत, अमित कुमार, हेड कांस्टेबल गोविंद बिष्ट, रियाज अख्तर, जगपाल सिंह, दुर्गा पापड़ा, गुरवंत सिंह, गिरजा शंकर और नरेंद्र सिंह शामिल थे।
