Muzaffarpur news: ट्रैफिक जाम से मुक्ति के लिए वेंडिंग जोन की मांग, 20 साल से अटकी योजना
मुजफ्फरपुर शहर के मुख्य चौक-चौराहों और सड़कों पर फुटपाथी दुकानदारों का कब्जा बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण हर दिन शहर में भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। इन दुकानों के चलते न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि गंदगी भी फैलती है। शहर को अतिक्रमण मुक्त करने और व्यवस्थित बनाने के लिए वेंडिंग जोन का निर्माण एक आवश्यक कदम है। इसके साथ ही, फल, फूल, सब्जी और मीट-मछली के लिए आधुनिक मंडियां विकसित करने की भी जरूरत है।
हालांकि, नगर निगम और जिला प्रशासन इस दिशा में विफल रहे हैं। पिछले दो दशकों से नगर निगम केवल कागजों पर वेंडिंग जोन बनाने की योजना बनाता रहा है। अखाड़ाघाट रोड, एमआईटी रोड और घिरनी पोखर जैसी जगहों पर वेंडिंग जोन बनाने की घोषणाएं हुईं, लेकिन आज तक एक भी योजना धरातल पर नहीं उतर पाई। हाल ही में एक दर्जन स्थानों को चिन्हित करने की बात हुई थी, लेकिन नगर आयुक्त के तबादले के बाद यह योजना भी ठंडे बस्ते में चली गई।
समाजसेवियों का कहना है कि प्रशासन को ईमानदारी से प्रयास करना होगा। वेंडिंग जोन और आधुनिक मंडियां विकसित करके सड़कों को अतिक्रमण मुक्त किया जा सकता है। स्कूल-कॉलेजों की चहारदीवारी के पास दुकानें बनाकर भी फुटपाथी दुकानदारों को व्यवस्थित किया जा सकता है, जिससे शिक्षण संस्थानों को अतिरिक्त आय भी होगी।
स्थानीय निवासियों ने सुझाव दिया है कि नगर निगम वार्ड 41 और 42 में स्थित तीन पोखरिया की लगभग 32 एकड़ खाली सरकारी जमीन का उपयोग किया जा सकता है। इस जमीन का उपयोग कर पंकज मार्केट और पुरानी बाजार सब्जी मंडी को यहां शिफ्ट किया जा सकता है। इससे सरैयागंज में होने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी और शहर को एक नई पहचान मिलेगी।
