Muzaffarpur crime: CSP संचालक से लूट का खुलासा, 5 बदमाश गिरफ्तार; मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद भी नहीं सुधरा था एक आरोपी
मुजफ्फरपुर पुलिस ने सकरा थाना क्षेत्र में हुए सीएसपी संचालक से लूटपाट के मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जो दूसरी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। गिरफ्तार आरोपियों के पास से हथियार, लूटा गया लैपटॉप और नकदी के साथ बड़ी मात्रा में गांजा भी बरामद हुआ है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों का अंतरजिला गिरोह से संबंध है और इनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
क्या था मामला?
22 दिसंबर को बरियारपुर थाना क्षेत्र में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सीएसपी संचालक अंकुर कुमार अपने घर से सीएसपी केंद्र जा रहे थे। सुनसान रास्ते पर बाइक सवार तीन बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और पिस्टल की नोक पर 2 लाख 25 हजार रुपये नकद, लैपटॉप, पासबुक समेत अन्य कागजात लूटकर फरार हो गए थे। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया था।
ऐसे हुई गिरफ्तारी
घटना के बाद एसएसपी के निर्देश पर एसडीपीओ ईस्ट-2 मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह वारदात एक संगठित गिरोह ने की है, जो पहले भी सीएसपी संचालकों को निशाना बना चुका है। 26 दिसंबर को पुलिस को सूचना मिली कि लूटकांड में शामिल बदमाश बरियारपुर के गनियारी पुल के पास नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना पर घेराबंदी कर पांचों बदमाशों को दबोचा गया।
हथियार और गांजा बरामद
गिरफ्तार बदमाशों की पहचान मनियारी माधोपुर सुस्ता के दीपू कुमार, सरैया विशुनपुरा के सुंदरम कुमार, वैशाली परसानिया के नितेश कुमार, तुर्की गौरीहारी के विशाल कुमार और बरियापुर मड़वन के सोनू कुमार के रूप में हुई है। इनके पास से एक देसी पिस्टल, तीन कारतूस, करीब 10 किलो गांजा, लूटा गया लैपटॉप, चार्जर, माउस, फिंगर प्रिंट डिवाइस, दो बाइक और लूट की रकम में से 8 हजार रुपये जब्त किए गए हैं।
जमानत पर छूटकर फिर करने लगा अपराध
गिरफ्तार बदमाशों में सुंदरम कुमार का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। पिछले साल जून में सुंदरम और उसके सहयोगी दीपू कुमार ने पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश की थी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की ओर से फायरिंग की गई थी, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी थी। जमानत पर बाहर आने के बाद सुंदरम ने फिर से लूटपाट शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों ने सीएसपी लूट समेत कई अन्य घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
