गंगा में डॉल्फिन की चहलकदमी से लोगों में उत्साह, संरक्षण के लिए चलाया गया अभियान
गाजीपुर में गंगा नदी में डॉल्फिन की चहलकदमी ने लोगों में उत्साह भर दिया है। डॉल्फिन के संरक्षण के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। वन विभाग द्वारा…
जागरण संवाददाता, खानपुर (गाजीपुर)। गंगा में इन दिनों बड़ी संख्या में डॉल्फिन मछलियों की उछलकूद लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। डॉल्फिन को देखने के लिए रोजाना बड़ी संख्या में लोग नदी तट पर पहुंच रहे हैं।
इसी क्रम में रविवार को वन विभाग द्वारा गंगा-गोमती संगम से लेकर औड़िहार स्थित बिरला घाट तक गंगा में विशेष नौकायन अभियान चलाया गया। इस दौरान डॉल्फिन मछलियों व साइबेरियन पक्षियों के संरक्षण, सुरक्षा एवं संवर्धन को लेकर तटवर्ती ग्रामीणों, मछुआरों और नाविकों को जागरूक किया गया।
प्रभागीय वन अधिकारी अजीत प्रताप ने बताया कि डॉल्फिन एक स्तनधारी जलीय जीव है, जो सांस लेने के लिए जल की सतह पर क्षण भर के लिए दिखाई देती है। डॉल्फिन का गंगा में प्रवास होना नदी के स्वास्थ्य और स्वच्छता का प्रतीक है।
गंगा न केवल अनेक जलीय जीवों की शरणस्थली है, बल्कि भारतीय सभ्यता, जल संस्कृति, आध्यात्मिक एवं पर्यावरणीय जीवन का भी प्रतीक है। राष्ट्रीय नदी और राष्ट्रीय जीव दोनों की रक्षा करना हम सबका सामूहिक दायित्व है।
उन्होंने कहा कि गंगा का प्रदूषण केवल जलीय जीवों के लिए ही नहीं, बल्कि गंगा पर आश्रित लाखों मछुआरों, किसानों और आम लोगों की आजीविका के लिए भी घातक है। गंगा की अविरल और निर्मल धारा बनाए रखने के लिए इसे जन आंदोलन का स्वरूप देना आवश्यक है।
इस दौरान तटवर्ती लोगों को डॉल्फिन क्षेत्रों में जाल डालने से मना किया गया। साथ ही तेज आवाज वाली नावों के संचालन पर रोक, जलधारा में प्लास्टिक, पॉलीथिन व केमिकल फेंकने पर कड़ी पाबंदी के निर्देश दिए गए। वन रेंजर सैदपुर सहित गंगा प्रहरियों को निगरानी तेज करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
