77वें गणतंत्र दिवस परेड पर कर्तव्य पथ ने भारत की प्रगति, संस्कृति और सामरिक शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन देखा। इस वर्ष की परेड का मुख्य आकर्षण 'ऑपरेशन सिंदूर' से जुड़ी युद्ध कौशल की झलकियां थीं,...
77वें गणतंत्र दिवस परेड पर कर्तव्य पथ ने भारत की प्रगति, संस्कृति और सामरिक शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन देखा। इस वर्ष की परेड का मुख्य आकर्षण ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़ी युद्ध कौशल की झलकियां थीं, जिन्होंने देश की सैन्य ताकत को दुनिया के सामने रखा। तीनों सेनाओं ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पराक्रम को जीवंत करते हुए विशेष फॉर्मेशन में मार्च किया।
सैन्य शक्ति का प्रदर्शन
परेड में सेना, नौसेना और वायुसेना ने अपने-अपने अंदाज में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़ी युद्ध कौशल झलकियों का प्रदर्शन किया। भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने फ्लाईपास्ट में एक खास ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ में उड़ान भरी। सैन्य परेड की शुरुआत राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और विदेशी मेहमान यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन तथा यूरोपीय संघ के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने परेड का अवलोकन किया।
आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन
यह पहला गणतंत्र दिवस समारोह था जो ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद हुआ, इसलिए सेनाओं का सैन्य संसाधन एक वास्तविक युद्ध जैसी सीक्वेंस में दिखा। इसमें टोही विमानों से लेकर अन्य सैन्य इकाइयों जैसे लॉजिस्टिक्स और युद्ध के गियर पहने जवान शामिल थे। सेनाओं के एकीकृत संचालन केंद्र को कांच के बॉक्स में दर्शाया गया, जिसमें ब्रह्मोस और एस-400 जैसी मिसाइल हथियार प्रणालियों के उपयोग के साथ ऑपरेशन सिंदूर के संचालन को दिखाया गया।
सेना का चरणबद्ध ‘बैटल एरे फॉर्मेट’ भी पहली बार दिखाया गया, जिसमें हवाई स्ट्राइक भी शामिल थे। टोही दल में 61 कैवलरी और हाई मोबिलिटी टोही गाड़ी शामिल थी। हवाई सपोर्ट के लिए स्वदेशी ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और उसका आर्म्ड वर्जन, रुद्र, प्रहार फॉर्मेशन बनाते हुए युद्धक्षेत्र का आकार दिखा रहे थे। हमलावर टी-90 भीष्म टैंक और मेन बैटल टैंक अर्जुन ने भी अपने नजारे दिखाए।
नौसेना की झांकी ‘एक मजबूत राष्ट्र के लिए एक मजबूत नौसेना’ ने अपने जहाजों और पनडुब्बियों के साथ फ्रंटलाइन विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि की ताकत की झलक दिखाई। भारतीय वायु सेना की टुकड़ी के मार्च पास्ट से तालमेल बिठाते हुए दो राफेल जेट, दो मिग-29, दो सुखोई-30 और एक जगुआर विमान ने ‘स्पीयरहेड’ फॉर्मेशन में रोमांचक फ्लाई-पास्ट किया।
सांस्कृतिक विविधता का संगम
राष्ट्र की सामरिक ताकत के गौरवशाली पलों के बीच राज्यों की रंग-बिरंगी झांकियां कर्तव्य पथ पर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और अनेकता में एकता का मनोहारी रंग बिखेर रहीं थीं। इस वर्ष की परेड की मुख्य थीम राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पर केंद्रित थी। 100 सांस्कृतिक कलाकारों ने ‘विविधता में एकता’ थीम को प्रदर्शित करते हुए परेड की शुरुआत की।