“मुंह बंद रखो!” जया बच्चन का पैपराजी पर फूटा गुस्सा, सरेआम लगाई फटकार, वीडियो वायरल
बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री और समाजवादी पार्टी की नेता जया बच्चन एक बार फिर पैपराजी पर भड़कने को लेकर सुर्खियों में हैं। बुधवार को मुंबई में अपनी बेटी श्वेता बच्चन नंदा के साथ एक कार्यक्रम में पहुंचीं जया बच्चन उस वक्त आग बबूला हो गईं, जब फोटोग्राफर्स उनकी तस्वीरें लेने के साथ-साथ उन पर लगातार टिप्पणियां करने लगे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें जया बच्चन गुस्से में पैपराजी को फटकार लगाती नजर आ रही हैं।
जैसे ही जया और श्वेता कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलीं, पैपराजी ने उन्हें घेर लिया और तस्वीरें खींचने लगे। इसी दौरान कुछ फोटोग्राफर्स ने हल्की-फुल्की टिप्पणियां भी कीं, जिससे जया बच्चन चिढ़ गईं। उन्होंने तुरंत रुककर पैपराजी को झाड़ना शुरू कर दिया। वीडियो में उन्हें साफ तौर पर कहते हुए सुना जा सकता है, “चुप रहो, मुंह बंद रखो, फोटो लो, खत्म। आप लोग फोटो लो, लेकिन बदतमीजी मत करो। कमेंट करते रहते हैं।” इस दौरान वह बेहद परेशान दिखीं और कुछ देर तक पैपराजी को घूरती रहीं। बाद में श्वेता बच्चन उन्हें कार में बुलाकर ले गईं।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। जहां कुछ यूजर्स ने जया बच्चन का समर्थन करते हुए कहा कि सेलेब्स की निजता का सम्मान किया जाना चाहिए, वहीं कई लोगों ने मीडिया के साथ उनके बार-बार के टकराव के लिए उन्हें ट्रोल भी किया। एक यूजर ने लिखा, “इसका वीडियो क्यों लेते हो इसके पीछे क्यों जाते हो इग्नोर करो अक्ल ठिकाने पे आ जाएगी।” जबकि एक अन्य ने टिप्पणी की, “मीडिया को जया बच्चन ही सही कर सकती हैं।” वहीं, कुछ यूजर्स ने उनके व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा, “आप लोग ऐसी औरत को सम्मान क्यों दे रहे हो.. हर कोई जानता है कि वह दूसरों के साथ कैसा व्यवहार कर रही है।”
यह पहली बार नहीं है जब जया बच्चन ने फोटोग्राफर्स पर इस तरह गुस्सा निकाला हो। पिछले कुछ सालों में, वह कई मौकों पर पैपराजी पर अपना गुस्सा जाहिर कर चुकी हैं, खासकर तब जब उन्हें लगता है कि उनकी निजता का उल्लंघन किया जा रहा है या उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने अक्सर मीडियाकर्मियों से शालीनता और शिष्टाचार बनाए रखने का आग्रह किया है। यह घटना एक बार फिर सेलेब्रिटी और मीडिया के बीच की जटिल रेखा को उजागर करती है, जहां निजता और सार्वजनिक उपस्थिति के बीच संतुलन बनाना अक्सर मुश्किल हो जाता है।
