मुक्तसर: एडवोकेट संधू पर FIR से वकीलों में रोष, बार एसोसिएशन की दो दिवसीय हड़ताल
श्री मुक्तसर साहिब। एडवोकेट हरमनदीप सिंह संधू पर दर्ज की गई एफआईआर के विरोध में जिला बार एसोसिएशन ने वीरवार से दो दिवसीय हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है। एसोसिएशन ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया है और एडवोकेट संधू के खिलाफ मनमानी धाराएं लगाई हैं। वकीलों ने चेतावनी दी है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका यह विरोध जारी रहेगा।
जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों धलवंत सिंह उप्पल और शुभमन शर्मा सहित अन्य ने एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 6 नवंबर को हुई उनकी आपातकालीन जनरल हाउस मीटिंग में मुक्तसर के पुलिस अधिकारियों द्वारा एडवोकेट हरमनदीप सिंह संधू से संबंधित मामले में लगातार दुर्व्यवहार, पक्षपात और अधिकार के दुरुपयोग को गंभीरता से लिया गया था। उन्होंने कहा कि 31 अक्टूबर की जनरल हाउस मीटिंग में पारित प्रस्तावों और बार-बार किए गए अभ्यावेदन के बावजूद, पुलिस अधिकारी अत्यधिक गैर-जिम्मेदाराना और दुर्भावनापूर्ण तरीके से कार्य करते रहे हैं।
एसोसिएशन ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि 4 नवंबर, 2025 को पुलिस अधिकारियों ने बीएनएस की धारा 109 को हटाने के संबंध में एक डीडीआर प्रविष्टि (डीडीआर संख्या 30) की। हालांकि, उसी डीडीआर में उन्होंने एडवोकेट हरमनदीप सिंह संधू के खिलाफ गलत और अवैध रूप से धारा 118(2) बीएनएस जोड़ दी। इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने उसी प्रविष्टि में कथित घटना के तीन दिन बाद अवैध रूप से एक नया नाम गुरजीत सिंह को घायल व्यक्ति के रूप में दर्ज कर दिया।
वकीलों ने गुरजीत सिंह की मेडिकल लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) का हवाला देते हुए कहा कि रिपोर्ट से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि जांच की तारीख को चोटें केवल छह घंटे पुरानी थीं। यह निर्विवाद रूप से सिद्ध करता है कि 29 अक्टूबर, 2025 की कथित घटना में उन्हें चोट नहीं लगी होगी। एसोसिएशन का कहना है कि पुलिस द्वारा जानबूझकर की गई यह हेराफेरी और तथ्यों को गढ़ना स्पष्ट रूप से घोर कदाचार, पदीय शक्तियों का दुरुपयोग और अभिलेखों में हेराफेरी का मामला है, जिसका एकमात्र उद्देश्य एडवोकेट हरमनदीप सिंह संधू को बदनाम करना और झूठे आरोप में फंसाना है।
बार एसोसिएशन ने संबंधित पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध जानबूझकर कर्तव्यहीनता, साक्ष्यों से छेड़छाड़ और तथ्यों को तोड़-मरोड़ने के प्रयास के लिए तत्काल विभागीय जांच और कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पंजाब भर के सभी बार एसोसिएशनों से भी अनुरोध किया है कि वे न्याय के लिए 13 और 14 नवंबर को दो दिवसीय एकजुटता हड़ताल में शामिल हों। वकीलों का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।
