मतदाता सूची पुनरीक्षण में बीएलओ ने प्रपत्र दिए, पर भरने में ग्रामीणों को आ रही दिक्कत
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में चल रहे निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान मतदाताओं को प्रपत्र भरने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, शत प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं और लगभग 20 फीसदी लोगों ने अपने प्रपत्र जमा भी कर दिए हैं, लेकिन सर्वाधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों में देखी जा रही है।
ग्रामीण अंचलों के कई मतदाताओं ने बताया कि उन्हें प्रपत्र तो मिल गए हैं, लेकिन उन्हें भरने में, विशेषकर वर्ष 2003 के कालम को भरने में दिक्कत आ रही है। ग्राम सिंघनपुर बघारी के जयनारायण ने बताया कि वर्ष 2003 की पुरानी मतदाता सूची उन्हें मिल नहीं रही है, और यदि मिल भी रही है तो उसमें कई लोगों के नाम गायब हैं। इसी तरह, ग्राम भरवारा के नरेश कुमार ने कहा कि कुछ चीजें तो समझ आ रही हैं, लेकिन 2003 का कालम कैसे भरना है, इसका ज्ञान नहीं है। उन्होंने कहा कि बीएलओ को यह जानकारी देनी चाहिए या शिविर लगाकर मदद करनी चाहिए।
पनवाड़ी के जयचंद्र राजपूत ने सुझाव दिया कि बीएलओ को गांवों में शिविर लगाकर लोगों की मदद करनी चाहिए, ताकि समय पर प्रपत्र भरे जा सकें और लोगों को सुविधा मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब हैं, जिससे वे प्रपत्र भरने में और अधिक असमंजस में हैं।
जिले में कुल 6,81,822 मतदाता हैं और इस एसआईआर अभियान के लिए 734 बीएलओ नियुक्त किए गए हैं। यह सच है कि बीएलओ गांव-गांव जाकर प्रपत्र बांट रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं दी जा रही है, जिससे यह समस्या उत्पन्न हो रही है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2003 की मतदाता सूची देखने के लिए लोग भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल http://voters.eci.gov.in पर जा सकते हैं। वहां अपना पूरा विवरण भरने के बाद वे प्रपत्र जमा कर सकते हैं, और ऐसे सभी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। हालांकि, यह प्रक्रिया भी सभी ग्रामीणों के लिए सुलभ नहीं है, खासकर उन लोगों के लिए जिनके पास इंटरनेट की सुविधा या तकनीकी ज्ञान का अभाव है।
