मतदाता सूची अपडेट: 9 दिन शेष, फॉर्म नहीं भरा तो कट जाएगा नाम
लखनऊ में विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन करने का कार्य तेज़ी से चल रहा है। इस अभियान के तहत मतदाताओं को एक बार फिर अपना विवरण फॉर्म के माध्यम से जमा कराना अनिवार्य है। चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 5 दिसंबर की अंतिम तिथि निर्धारित की है। यदि इस तिथि तक किसी मतदाता ने अपना फॉर्म नहीं भरा, तो उनका नाम आगामी मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।
यह स्पष्ट किया गया है कि यह उन मतदाताओं के लिए भी अनिवार्य है जिनका नाम मौजूदा मतदाता सूची में पहले से ही दर्ज है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अभय किशोर ने बताया कि बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर मतदाताओं को फॉर्म वितरित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक दिन सुबह 11 बजे से बीएलओ अपने निर्धारित बूथों पर भी उपलब्ध रहेंगे, जहाँ से मतदाता संपर्क कर सकते हैं। मतदाता पंजीकरण केंद्रों पर भी इस संबंध में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
फॉर्म में मतदाता को अपना नाम, मतदाता पहचान पत्र संख्या (ईपीआईसी नंबर), पता, वर्तमान फोटो, जन्म तिथि, आधार संख्या (वैकल्पिक), पिता/अभिभावक का नाम व ईपीआईसी नंबर (वैकल्पिक), माता का नाम व ईपीआईसी नंबर (वैकल्पिक), और मोबाइल नंबर जैसी महत्वपूर्ण जानकारी भरनी होगी। यदि किसी मतदाता का नाम 2003 की एसआईआर सूची में नहीं है, लेकिन उनके किसी रिश्तेदार (जैसे माता-पिता, दादा-दादी) का नाम सूची में शामिल है, तो गणना प्रपत्र में उस रिश्तेदार का विवरण देना होगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी विशाख जी ने इस अभियान के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि यह मतदाता सूची के शुद्धीकरण के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे बीएलओ का सहयोग करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी शुभि कानन ने बताया कि आयोग का उद्देश्य केवल सही मतदाताओं को सूची में शामिल करना है, इसलिए सभी को आगे आकर फॉर्म भरना चाहिए। लोहिया संस्थान के निदेशक डीसीएम सिंह ने कहा कि एक जागरूक मतदाता ही देश के लोकतंत्र को मज़बूत कर सकता है, और यह समय अपनी जागरूकता दिखाने का है।
बीएलओ के मांगने पर पहचान के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार या किसी सरकारी उपक्रम के कर्मचारी पहचान पत्र, पेंशन भुगतान आदेश, 1 जुलाई 1987 से पहले जारी पहचान पत्र, पासपोर्ट, शैक्षिक प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र, और आधार कार्ड जैसे दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं।
इस पूरी प्रक्रिया के तहत, 5 दिसंबर तक बीएलओ फॉर्म भरवाकर वापस लेंगे। 9 दिसंबर को संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जिस पर 9 दिसंबर से 8 जनवरी तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी।
लखनऊ एयरपोर्ट पर अव्यवस्था: तीन उड़ानें रद्द, शारजाह से फ्लाइट 10 घंटे लेट
अखिलेश यादव का गंभीर आरोप: भाजपा और चुनाव आयोग पर तीन करोड़ वोटर सूची से हटाने की साजिश का इल्जाम
यूपी के हर गांव में खाद्य प्रसंस्करण इकाई, योगी सरकार की नई पहल
यूपी में कड़ाके की सर्दी का आगाज़, बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन
नीट परीक्षा के बाद छात्रों को ठगी का शिकार बनाने वाला गिरोह सक्रिय, लखनऊ पुलिस की कार्रवाई
