मर्दांनी 3 की समीक्षा: रानी मुखर्जी का फियरलेस अवतार, खलनायक देंगे दर्शकों को…
फिल्म ‘मर्दांनी 3’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है, जिसमें रानी मुखर्जी एक बार फिर शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में नजर आ रही हैं। यह फिल्म मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई पर केंद्रित है और इसमें रानी मुखर्जी का फियरलेस अवतार दर्शकों को पसंद आ रहा है।
रानी मुखर्जी का दमदार प्रदर्शन
रानी मुखर्जी ने शिवानी शिवाजी रॉय के रूप में अपने किरदार को जीवंत कर दिया है। उनकी स्क्रीन उपस्थिति और अभिनय की काफी तारीफ हो रही है। फिल्म में उनके एक्शन सीक्वेंस को भी काफी वास्तविक और प्रभावशाली बताया जा रहा है। उन्होंने एक निडर पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई है जो नाबालिग पीड़ितों को बचाने के लिए लड़ रही है।
खलनायकों का प्रभाव
मल्लिका प्रसाद ने ‘अम्मा’ के किरदार में एक खतरनाक खलनायिका के रूप में दर्शकों को डराया है। हालांकि, उनके किरदार को और भी गहराई दी जा सकती थी। वहीं, प्रजेश कश्यप ने ‘रमानुजन’ के किरदार से कहानी में अप्रत्याशित मोड़ लाए हैं। उन्होंने जांच और भावनात्मक दोनों पहलुओं को संभाला है। मिखाइल को भी एक खतरनाक खलनायक के रूप में देखा जा रहा है।
कहानी और निर्देशन
फिल्म बाल तस्करी, व्यवस्थागत उदासीनता और नैतिक तात्कालिकता जैसे गंभीर विषयों को उठाती है। निर्देशक अभिराज मिनावाला ने फिल्म को एक गंभीर टोन में निर्देशित किया है, जिसमें अनावश्यक दृश्यों से बचा गया है। हालांकि, जिन दर्शकों ने पिछली किस्तें देखी हैं, उन्हें कहानी की संरचना थोड़ी परिचित लग सकती है। यह फिल्म दर्शकों को सीट से बांधे रखने में कामयाब होती है, खासकर दूसरे हाफ में जहां कई दिलचस्प मोड़ आते हैं।
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