एमआरएफ शेयर: ₹1.78 लाख का लक्ष्य या ₹1.28 लाख पर गिरावट?
नई दिल्ली। भारत में सबसे महंगा शेयर एमआरएफ (MRF) है, जिसका मौजूदा भाव लगभग ₹1,57,050 है। इस शेयर को लेकर अब दो प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों के बीच राय बंट गई है, जिससे निवेशकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जहां एक ओर सीएलएसए (CLSA) ने इस शेयर के लिए अपना लक्ष्य मूल्य बढ़ाया है, वहीं कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) ने इसे बेचने की सलाह दी है।
सीएलएसए ने एमआरएफ के शेयर के लिए अपने लक्ष्य को ₹163,431 से बढ़ाकर ₹178,536 कर दिया है। फर्म का मानना है कि कच्चे माल की कीमतों में गिरावट से कंपनी के ग्रॉस मार्जिन में वृद्धि की अच्छी संभावना है। सीएलएसए के अनुसार, एमआरएफ की बाजार में अग्रणी स्थिति और बेहतर कैपिटल एफिशिएंसी स्थिर कैश फ्लो बनाए रखने में मदद करेगी। यदि शेयर अपने नए लक्ष्य तक पहुंचता है, तो एक शेयर पर ₹20,000 से अधिक का मुनाफा हो सकता है।
दूसरी ओर, कोटक सिक्योरिटीज ने एमआरएफ पर ‘सेल’ (बेचने की) रणनीति बनाए रखने की सलाह दी है। हालांकि, फर्म ने अपने पिछले लक्ष्य ₹1.22 लाख से बढ़ाकर ₹1.28 लाख कर दिया है। कोटक सिक्योरिटीज के अनुसार, एमआरएफ ने दूसरी तिमाही में अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन दिखाया है और शेयर का वैल्यूएशन अभी भी महंगा लग रहा है। राजस्व वृद्धि की गति भी धीमी है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कच्चे तेल और प्राकृतिक रबर की कम कीमतों से मार्जिन को कुछ हद तक सहारा मिल सकता है, लेकिन कंपनी की वृद्धि धीमी रहने की उम्मीद है।
यह स्थिति दर्शाती है कि शेयर बाजार में निवेश करते समय विभिन्न विश्लेषकों की राय को समझना महत्वपूर्ण है। निवेशकों को किसी भी निर्णय से पहले अपनी खुद की रिसर्च और वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना चाहिए।
(यह लेख ब्रोकरेज फर्मों द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है। यह निवेश की सलाह नहीं है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।)
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