मोंथा तूफान से बर्बाद किसानों को नीतीश सरकार की बड़ी सौगात, मिलेगा अनुदान
बिहार में अक्टूबर माह में आए मोंथा चक्रवात ने न केवल जनजीवन को अस्त-व्यस्त किया, बल्कि किसानों की कमर भी तोड़ दी। ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड के साथ-साथ बिहार के कई जिलों में इस चक्रवात का गहरा प्रभाव देखने को मिला। तैयार धान की फसलें बर्बाद हो गईं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। इतना ही नहीं, खेतों में जलजमाव की स्थिति के कारण रबी की फसलों की बुआई पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है।
किसानों की इन कठिनाइयों को देखते हुए, बिहार की नई नीतीश कुमार सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत किसानों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है, जिससे पीड़ित किसानों को जल्द से जल्द सहायता राशि मिल सके।
कृषि विभाग द्वारा प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, मोंथा से सबसे अधिक नुकसान धान की खड़ी फसल को हुआ था। राज्य के अधिकांश हिस्सों से मिले नुकसान के आकलन के बाद, विभाग ने स्थानीय स्तर पर भी जांच कराई थी और मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी थी। हालांकि, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर लागू हुई आचार संहिता के कारण यह प्रक्रिया कुछ समय के लिए बाधित हो गई थी। नई सरकार के गठन के साथ ही, इस मुद्दे को प्राथमिकता दी गई और किसानों को अनुदान देने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
कृषि इनपुट अनुदान-2025 के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना का लाभ मुजफ्फरपुर सहित चक्रवात से प्रभावित 12 जिलों की 39 प्रखंडों की 397 पंचायतों के किसानों को मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि यह सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाए।
योजना के तहत, जिन किसानों की फसल का 33 प्रतिशत या उससे अधिक नुकसान हुआ है, वे इस अनुदान के पात्र होंगे। अनुदान की राशि न्यूनतम 1000 रुपये से लेकर अधिकतम 45000 रुपये तक हो सकती है, जो नुकसान की गंभीरता पर निर्भर करेगी। इच्छुक किसान कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या https://dbtagriculture.bihar.gov.in/ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। यह पहल बिहार के कृषि क्षेत्र को पुनः पटरी पर लाने और किसानों को इस मुश्किल दौर से उबारने में सहायक सिद्ध होगी।
