महुआ में पहली बार विधायक बने संजय सिंह का जलवा, मंत्रिमंडल में मिली जगह
बिहार विधानसभा चुनाव में महुआ सीट पर इस बार काफी गहमागहमी देखने को मिली, जहाँ लोजपा (रामविलास) के उम्मीदवार संजय कुमार सिंह ने अपनी पहली चुनावी जीत के साथ ही मंत्रिमंडल में भी स्थान पाकर सभी को चौंका दिया है। पार्टी ने उन्हें अपने कोटे से मंत्री बनाया है, जो उनके राजनीतिक कद को दर्शाता है।
वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में संजय कुमार सिंह को हार का सामना करना पड़ा था और वे तीसरे स्थान पर रहे थे। लेकिन इस बार उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार डॉ. मुकेश रौशन को 44,997 मतों के भारी अंतर से पराजित किया। यह जीत न केवल उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और जमीनी पकड़ कितनी मजबूत है।
इस बार महुआ सीट एक बार फिर चर्चाओं में रही क्योंकि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के टिकट पर लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने भी चुनाव लड़ा था। हालांकि, चुनावी मुकाबले में उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा और वे तीसरे स्थान पर खिसक गए। यह परिणाम कई मायनों में अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसने महुआ की राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से बदल दिया है।
सूत्रों के अनुसार, संजय कुमार सिंह, जो महुआ-मुजफ्फरपुर रोड पर काली स्थान के निकट के रहने वाले हैं, लोजपा के पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं में से एक हैं। उन्हें केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिना जाता है। पहली बार विधायक चुने जाने के साथ ही मंत्री बनना उनके राजनीतिक जीवन की एक असाधारण उपलब्धि है, जो उनके समर्पण और पार्टी नेतृत्व के विश्वास को उजागर करती है। उनकी इस जीत को चिराग पासवान के नेतृत्व के प्रति मतदाताओं के भरोसे के तौर पर भी देखा जा रहा है।
मुजफ्फरपुर का मॉडल अस्पताल बना स्वास्थ्य हब, कैंसर जांच की सुविधा उपलब्ध
बीएड की 400 सीटों के लिए 1955 अभ्यर्थी, काउंसलिंग 26 नवंबर से
लापरवाही पर निगम का सख्त रुख: पांच एजेंसियों पर काली सूची की तलवार
मोतीपुर अग्निकांड: मरने वालों की संख्या छह पहुंची, आगजनी की आशंका
रमा निषाद का राजनीतिक उदय: वार्ड पार्षद से मंत्री तक का सफर
