महमूद मदनी का कांग्रेस पर तंज: ‘अपने मुद्दे नहीं उठा पाती, मुसलमानों के क्या उठाएगी?’
जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने कांग्रेस पार्टी की मुसलमानों के मुद्दों को उठाने की क्षमता पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने स्वयं के मुद्दों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में ही संघर्ष कर रही है, ऐसे में यह उम्मीद करना कि वह किसी अन्य समुदाय, विशेषकर मुसलमानों के मुद्दों को उठाएगी, तर्कसंगत नहीं है।
एक विशेष साक्षात्कार में मौलाना मदनी ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टी से यह अपेक्षा रखना गलत है कि वह केवल मुसलमानों के हितों की पैरवी करे। उन्होंने कहा कि राजनीति को व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए, जिसमें प्रदूषण जैसे अन्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दे भी शामिल हों। मदनी ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी राजनीतिक दल से ऐसी एकांगी उम्मीद नहीं रखना चाहते हैं।
अपने वक्तव्य में, उन्होंने जिहाद की अवधारणा को भी संबोधित किया। मदनी ने कहा कि जिहाद केवल मुसलमानों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने सुझाव दिया कि जिहाद के सही अर्थ और उद्देश्य को समझने के लिए इसे स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि बच्चे इसके वास्तविक मतलब को जान सकें। उन्होंने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि कुछ लोग, जो खुद को सनातन धर्म और अन्य धर्मों का अनुयायी बताते हैं, इस्लाम को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं और ऐसे कार्य पाकिस्तानी एजेंडे को बढ़ावा देते हैं। मदनी ने रेखांकित किया कि इस्लाम में जिहाद एक पवित्र धार्मिक शब्द है जिसे जानबूझकर हिंसा से जोड़कर गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
