अमेठी इंडस्ट्रियल एरिया: अतिक्रमण के कारण सड़कों पर बढ़ा आवागमन का संकट
अमेठी के औद्योगिक क्षेत्र त्रिसुंडी में सड़कों के किनारे सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण ने गंभीर समस्या का रूप ले लिया है। दुकानदारों, ढाबों और कारखानों के बाहर बनाए गए वाहन स्टैंडों द्वारा सड़कों और पटरियों पर किए गए कब्जे के कारण वाहनों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति से न केवल क्षेत्र के उद्यमियों को माल ढुलाई में कठिनाई हो रही है, बल्कि राहगीरों और श्रमिकों को भी हर पल दुर्घटना का डर सता रहा है।
अयोध्या-प्रयागराज मार्ग से जुड़े मुख्य औद्योगिक मार्ग की पटरियों पर दर्जनों दुकानें और ढाबे संचालित हो रहे हैं, जो सड़क तक फैले हुए हैं। इसके अलावा, कई कारखानों के बाहर सड़क की पटरियों पर ही वाहन स्टैंड बना दिए गए हैं, जहाँ साइकिलें और मोटरसाइकिलें सड़क तक खड़ी कर दी जाती हैं। इस कारण मुख्य मार्ग पर दिन भर भारी वाहनों के गुजरने के दौरान पैदल चलने वालों और श्रमिकों को सड़क के किनारे भी सुरक्षित स्थान नहीं मिल पाता है।
इस अतिक्रमण के चलते क्षेत्र में दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्थानीय उद्यमियों का कहना है कि माल परिवहन में अनावश्यक देरी और लागत बढ़ रही है, जो उत्पादन को प्रभावित कर रही है। राहगीरों और श्रमिकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सड़क पर जगह न होने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ज्ञान पशु आहार कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों ने बताया कि हर रोज सैकड़ों श्रमिक यहां आते हैं और दिन भर ट्रकों व अन्य बड़े वाहनों का आवागमन रहता है। अतिक्रमण के कारण उन्हें सुरक्षित रूप से सड़क पार करने में भी दिक्कत होती है।
सूत्रों के अनुसार, उद्योग विभाग द्वारा समय-समय पर अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। नतीजतन, अतिक्रमण लगातार बढ़ रहा है और सड़कों की चौड़ाई कम होती जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़कों के किनारे से अतिक्रमण हटाने के लिए एक सख्त अभियान चलाया जाए ताकि औद्योगिक क्षेत्र में सुचारू आवागमन सुनिश्चित हो सके और श्रमिकों व राहगीरों को राहत मिल सके।
