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मधुबनी में बिना लाइसेंस के चल रहीं मीट-चिकन की दुकानें, निगम को लाखों का राजस्व घाटा

By Nov 23, 2025

मधुबनी नगर निगम क्षेत्र में संचालित हो रही 200 से अधिक मीट और चिकन की दुकानें बिना ट्रेड लाइसेंस के चल रही हैं। शहर में किसी भी प्रकार की दुकान या प्रतिष्ठान के संचालन के लिए नगर निगम से ट्रेड लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है। इसके बावजूद, अधिकांश मीट, चिकन और मछली विक्रेता नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।

यह स्थिति निगम प्रशासन की उदासीनता को दर्शाती है। न केवल मांस-मछली की दुकानें, बल्कि शहर में हर साल खुलने वाले सैकड़ों नए दुकानों और प्रतिष्ठानों के लिए भी ट्रेड लाइसेंस लेने की प्रक्रिया धीमी है। निगम के पास शहर में संचालित कुल दुकानों की सही संख्या का भी अभाव है। इस अनदेखी के कारण निगम को सालाना लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। दवा दुकानों, जांचघरों, आभूषण विक्रेताओं, किराना दुकानों, स्वीट होम, हार्डवेयर और अन्य प्रतिष्ठानों के संचालक भी खुलेआम नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।

किसी भी दुकान के लिए ट्रेड लाइसेंस लेना कानूनन आवश्यक है। शहर में दो हजार से अधिक विभिन्न प्रकार की दुकानें और प्रतिष्ठान होने का अनुमान है। निगम कार्यालय के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में नाममात्र के दुकानदारों को ही ट्रेड लाइसेंस जारी किया गया है, और सालाना नवीनीकरण में भी भारी गिरावट आई है।

ट्रेड लाइसेंस प्राप्त करने के लिए दुकानदारों को निगम कार्यालय में आधार कार्ड, पैन कार्ड, जीएसटी पंजीकरण, दो पासपोर्ट साइज फोटो और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होता है। आवेदन की जांच के बाद निर्धारित शुल्क जमा करने पर लाइसेंस जारी किया जाता है। पुराने लाइसेंसों के नवीनीकरण की भी व्यवस्था है।

इस मामले पर नगर आयुक्त उमेश कुमार भारती ने कहा कि निगम क्षेत्र में ट्रेड लाइसेंस जारी करने और नवीनीकरण की प्रक्रिया की गहन समीक्षा की जाएगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सभी दुकानदारों को ट्रेड लाइसेंस के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा और जो लोग इसका पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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