मौलाना तौकीर रजा पर कस सकता है शिकंजा, उपद्रव के अहम केस क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर
बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ प्रकरण की आड़ में 26 सितंबर को हुए उपद्रव से जुड़े दो मुख्य मुकदमों की विवेचना अब पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। इन मामलों की जांच पहले स्थानीय थानों के इंस्पेक्टर कर रहे थे, लेकिन अब इसे क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर संजय धीर को सौंपा गया है। सूत्रों के अनुसार, इस स्थानांतरण से उपद्रवियों के खिलाफ और अधिक कठोर कार्रवाई की उम्मीद है, जिससे मौलाना तौकीर रजा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह उपद्रव मौलाना तौकीर रजा के आह्वान पर हुआ था, जिसमें भीड़ ने पुलिस पर हमला किया और कुछ संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया था। उपद्रव की शुरुआत खलील तिराहे से हुई थी, जहाँ भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, वायरलेस सेट और एंटी राइट गन लूट ली। पुलिस पर फायरिंग की गई और एसिड की बोतलें भी फेंकी गईं। कोतवाली क्षेत्र में स्थिति नियंत्रित करने के प्रयास के दौरान ही श्यामगंज में भी पथराव और नारेबाजी शुरू हो गई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
इस घटना के संबंध में पुलिस ने कोतवाली, बारादरी, किला, प्रेमनगर और कैंट थानों में कुल 10 मुकदमे पंजीकृत किए थे। खलील तिराहे पर हुए उपद्रव का मुकदमा तत्कालीन कोतवाल अमित पांडेय ने और श्यामगंज बवाल का मुकदमा बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने दर्ज कराया था। इन दोनों मुकदमों की विवेचना पहले इंस्पेक्टर सीबीगंज और इंस्पेक्टर इज्जतनगर कर रहे थे।
अब एसएसपी अनुराग आर्य के आदेश पर इन दोनों महत्वपूर्ण मुकदमों की विवेचना क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दी गई है। कोतवाली और बारादरी थानों में दर्ज इन दोनों मुकदमों में कुल 54 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 1950 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज है। नामजद आरोपियों में मौलाना तौकीर रजा, नदीम खां, फुजैल, फरमान रियाज सहित कई अन्य प्रमुख नाम शामिल हैं। अज्ञात आरोपियों में कोतवाली से 1700 और बारादरी से 250 लोग शामिल हैं। क्राइम ब्रांच द्वारा जांच संभाले जाने के बाद, इस मामले में शामिल सभी उपद्रवियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होने की प्रबल संभावना है।
